Sex story Aunty Tight Bur Chudai Kahani
sex story Aunty Tight Bur Chudai Kahani
Aunty Tight Bur Chudai Kahani
यह तब की बात है जब मैं 18 साल का था। मेरे वालिद का ट्रांसफर जब हमारे अपने अबाई इलाके में हुआ तो मैं उस वक्त 9th क्लास में पढ़ता था। हमारे काफी रिश्तेदार जिस मोहल्ले में रहते थे, वालिद ने भी उसी जगह घर खरीदा। मेरे वालिद के कुछ कजिन्स ने कुछ भैंसें रखी हुई थीं और वो उनका दूध फरोख्त करते थे। वहाँ से दूध लाने की ड्यूटी मेरी लगा दी गई। Aunty Tight Bur Chudai Kahani
मेरे इन रिश्ते के चाचा के घर में उनके वालिद, वालिदा और उनकी बीवी रहती थीं। चाची की उम्र 31 साल के क़रीब होगी। उनके फिगर 36-32-38 के क़रीब होंगे। मुझे सेक्स का उस वक्त तक कोई प्रैक्टिकल नहीं था लेकिन उसके बारे में जानता था। मेरे वालिद की तालीम और दौलत की वजह से लोग हमें काफी इज्ज़त देते थे।
इसलिए मैं जब दूध लेने चाचा के घर जाता तो चाची काफी तवज्जो देती। आहिस्ता-आहिस्ता हम आपस में काफी बेतकलुफ हो गए। चाची का कोई बच्चा नहीं था। एक दिन मैं दूध लेने गया तो देखा कि चाची घर का फर्श धो रही थी, और मुझे देख कर बोली कि दूध लेट मिलेगा इसलिए इंतज़ार करो।
मैं वहाँ चारपाई पर बैठ गया और उससे बातें करने लगा। चाची ने बारीक कपड़े पहन रखे थे और उसके बूब्स साफ नज़र आ रहे थे। वो जब झाड़ू देने के लिए झुकी तो उसके बूब्स साफ नज़र आने लगे। उसने ब्रा नहीं पहनी हुई थी। जिसकी वजह से मुझे उसके बूब्स साफ नज़र आ रहे थे।
ज़िंदगी में किसी औरत के बूब्स यूँ लाइव देख कर मेरी रगों में मेरा खून तेज़ दौड़ने लगा। चाची ने जब ये महसूस किया कि मैं क्या देख रहा हूँ तो वो मुस्कुराते हुए सीधी हो गई। अपना काम खत्म कर के वो भी दूसरी चारपाई पर बैठ गई। मैंने उसकी तरफ देखा और कहा— “चाची, काफी देर हो गई, अभी तक चाचा दूध लेकर नहीं आए। मुझे देर हो जाएगी।”
इसे भी पढ़े – दिवाली मानाने के बाद चाची को चोदा
वो मुस्कुराते हुए कहने लगी— “जब मैं फर्श धो रही थी तो उस वक्त देर नहीं हो रही थी?”
इस पर मैं चुप हो गया तो बोली— “तू अब शरारती हो गया है।”
इतने में चाचा दूध लेकर आ गया तो मैं दूध लेकर आ गया। अगले दिन छुट्टी थी। दोपहर को मेरे मन में आया कि आज चाची से मिलूँ। जब मैं उसके घर पहुँचा तो दरवाज़ा बंद था लेकिन मुझे पता था कि उसको नीचे से खोला जा सकता है। मैंने उसको खोल कर अंदर चला गया।
नीचे के कमरे खुले थे लेकिन वहाँ कोई नहीं था। अचानक मुझे महसूस हुआ कि कोई छत पर है। मैं सीढ़ी की तरफ चल दिया। छत पर पहुँच कर मैंने देखा कि रूम का दरवाज़ा बंद है। लेकिन उसमें से आवाज़ें आ रही थीं। मैं कमरे की साइड पर मौजूद खिड़की की तरफ गया। जब मैं खिड़की की तरफ पहुँचा तो मैंने चाचा की आवाज़ सुनी।
वो गुस्से से चाची से कह रहा था— “मैं कुछ नहीं जानता, मुझे बच्चा चाहिए। इतने साल शादी को हो गए लेकिन तुमसे बच्चा नहीं हुआ। अगर नहीं हुआ तो मैं दूसरी शादी कर लूँगा।”
चाची बोली— “लेकिन इसमें मेरा क्या क़सूर है? तुमसे कुछ नहीं बनता। तुम ही जल्दी ठंडे हो जाते हो। और तुम्हारी मनी भी पतली है।”
चाचा ने एक थप्पड़ चाची को मारा और बोला— “चुप कर साली। तुझे तो गधे का चाहिए। मैं ठीक हूँ और हकीम ने भी मुझे नई दवाई दी है।”
चाची बोली— “तो अब क्यों फिर ठंडे हो गए हो?”
चाचा ने फिर एक थप्पड़ उसको मारा और बोला— “कहाँ ठंडा हुआ हूँ? मैं ठीक हूँ।”
चाची बोली— “हुँ, इसे ठीक कहते हैं।”
इसे भी पढ़े – मुझे भी अपने चूत का अकाउंट खुलवाना था
जिस पर चाचा ने उसको एक थप्पड़ और मारा और कमरे से बाहर निकल कर सीढ़ियाँ उतर कर घर से बाहर चला गया। चाची अंदर रो रही थी। मैंने नीचे जा कर दरवाज़ा बंद किया और ऊपर आ गया। मैं जब ऊपर पहुँचा तो देखा कि चाची बैठी रो रही थी। मैंने उसे आवाज़ दी तो वो हैरान हो कर बोली— “तुम किधर और तुम्हारा चाचा किधर है?”
मैंने कहा कि वो तो चला गया और तुम क्यों रो रही हो? क्या चाचा ने मारा है? तो नफरत भरी आवाज़ में बोली— “और वो कर भी क्या सकता है? पुल्ले, उसके कुछ है ही नहीं। हाथ ही उठा सकता है।”
मैंने उसके गालों पर हाथ फेर कर उसके आँसू साफ किए और कहा— “मत रो चाची। मुझे बताओ कि मैं क्या करूँ?”
और उसकी कमर के गिर्द हाथ डाल कर उसे उठाने लगा तो मेरे हाथ उसके बूब्स को टच करने लगे। मेरे हाथों में सुन्ननाहट होने लगी। लेकिन मैंने अपना हाथ वहीं रखा। और उसे पकड़ कर छत से नीचे लाया। इस दौरान मेरे हाथ कई बार उसके बूब्स से टकराए लेकिन उसने कोई रिएक्ट नहीं किया। नीचे आ कर बोली— “मैं अब नहाऊँगी। तुम अब जाओ।” ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं वापस आ गया और एक दोस्त की तरफ चला गया। वो मेरा बड़ा बेतकलुफ दोस्त था। मैंने उसको सारी बात बताई और पूछा कि पाले कुछ न होने और मनी पतली होने का क्या मतलब है। तो उसने कहा कि तुम्हारे चाचा सेक्स के लिए कमज़ोर हैं और मनी पतली होने की वजह से बच्चा नहीं हो सकता। फिर अचानक वो बोला— “दोस्त, तुम क्यों अपनी चाची पर ट्राई नहीं करते?”
“क्या मतलब?” मैंने कहा।
वो बोला— “तुम्हारा चाचा कमज़ोर है। हो सकता है कि चाची तुम्हारे साथ सेक्स करने पर मन जाए।”
उसकी मिनियारी और जनरल स्टोर था। उसकी बात सुन कर मेरा दिल खराब हो गया और मैं भी ऐसा ही सोचने लगा। कुछ दिन बाद चाचा ने फिर चाची को मारा। बाय लक मैं उस वक्त मौजूद था। मैंने चाचा को पकड़ा और कहा कि ऐसा मत करो। वो गुस्से में घर से निकल गया और अपनी भैंसों के पास चला गया। उसकी माँ भी कहीं चली गईं और मुझे कहा कि दूध चाची से ले लेना।
इसे भी पढ़े – किस्मत की मारी आंटी ने चूत मरवाई अपनी 1
चाची बेड पर कमरे में रो रही थी। मैंने कुछ देर इंतज़ार किया और फिर अपना हौसला जुटा कर कमरे में गया। मैं चाची के पास बैठ गया और अपना हाथ उसके पीठ पर रखा। मैंने उसे रोना बंद करने को कहा लेकिन वो नहीं मानी। मैंने फिर कहा कि रोना बंद करो और अपना हाथ उसके पीठ पर फेरने लगा।
हौसला जुटा कर मैंने उसे उठाया और उसके आँसू उसके दुपट्टे से साफ किए। मैंने उसकी कमर के गिर्द अपना बाजू लपेट कर उसे अपने बाजुओं के घेरे में ले लिया। उसे तसल्ली देने के बहाने मैंने उसके गालों पर हाथ फेरना शुरू कर दिया। थोड़ी देर तक ऐसा करने के बाद हौसला करते हुए मैंने धीरे से उसके बूब को हाथ लगा दिया। उसने कोई रिएक्ट नहीं किया।
मैंने उसको पूछा कि आज क्या बात हुई तो वो बोली कि मैंने उसे एक लिपस्टिक ला कर देने को कहा था। कहने लगा कि मेरे पास वक्त नहीं है। मैंने दोबारा कहा तो मुझे मारने लगा। मैंने कहा कि तुम मुझसे कहतीं। बोली— “तुम ला दोगे?”
मैंने कहा— “हाँ।”
इस दौरान मेरा हाथ उसके बूब पर ही था। लेकिन उसने कोई रिएक्ट नहीं किया। मैंने हौसला करते हुए उसे हल्के से प्रेस करते हुए पूछा कि— “लिपस्टिक का कलर कौन सा हो?”
तो बोली— “रेड।” “पैसे ले लो।”
मैंने कहा कि जब लाऊँगा तब ही लूँगा। मैं वहाँ से अपने दोस्त के पास गया और उसको एक लिपस्टिक देने के बारे में कहा। उसने एक लिपस्टिक दी। मैं वो ले कर चाची के घर आया और उसे लिपस्टिक दी। उसने ले ली और बोली कि इसकी कीमत क्या है? मैंने कहा कि कुछ नहीं। वो बोली— “नहीं, तुम बताओ।”
मैंने कहा कि बस तुम लगा कर मुस्कुरा दो। यही इसकी कीमत है। वो ये सुन कर हँस पड़ी और मुझे अपने साथ लिपटा लिया और मेरा गाल चूम कर बोली— “बहुत अच्छा। और कुछ?”
मैंने भी उसका गाल पर किस किया और कहा— “बस।”
इसे भी पढ़े – स्कूल गर्ल को खेत में चोदने ले गया रिक्शावाला
इस पर उसने मुझे अपने साथ और ज़ोर से लिपटा लिया। उसके बूब्स मेरे सीने के साथ लग रहे थे। इतने में दरवाज़े पर खटखट हुई तो हम दोनों अलग हो गए। एक बच्चा दूध लेने आया था। चाची ने उसे दूध दिया तो बोला कि उसकी माँ कह रही थी कि दूध पतला होता जा रहा है। चाची गुस्से से बोली— “मैं क्या करूँ? मेरा दूध थोड़ी है।”
वो ये सुन कर कन्फ्यूज़ हो गया और चला गया। मैं ये सुन कर हँस पड़ा और बोला— “नहीं, तुम्हारा दूध पतला नहीं है।”
वो भी ये सुन कर हँस पड़ी और बोली— “शरारती, तुम्हें क्या पता?”
मैंने कहा— “मुझे पता है।”
वो बोली— “कैसे?”
मैंने हाथ बढ़ा कर उसके बूब को दबाया और कहा— “ऐसे।”
वो कहने लगी— “अब चले जाओ, तुम्हारा चाचा आ जाएगा।”
अगले दिन स्कूल से वापस आया तो माँ बोली कि तुम्हारे फादर की कजिन की मौत हो गई है। हम वहीं जा रहे हैं। तुम यहाँ अकेले रह सकोगे? इतने में फादर भी चाचा के साथ आ गए। वो बोले कि नहीं, ये आज चाचा के घर रहेगा क्योंकि चाचा और वालिद की चाची भी साथ जा रही हैं।
यहाँ उनके ऑफिस का वॉचमैन रहेगा। ये सुन कर मेरा दिल अंदर से खुश हो गया। मैं ट्यूशन पढ़ा कर चाची के घर चला गया। चाची मुझे देख कर कहने लगी कि आज मैं घर में अकेली हूँ। मैंने कहा कि वालिद ने ही मुझे इधर रुकने को कहा है। मैंने उससे कहा— “तुमने लिपस्टिक नहीं लगाई?”
“जब ज़रूरत होगी तब ही लगाऊँगी।”
“नहीं, अभी लगा कर दिखाओ।” मैंने कहा.
“अच्छा।”
और वो कमरे में चली गई। थोड़ी देर बाद आई तो लिपस्टिक लगी हुई थी।
“अब ठीक है? कैसी लग रही हूँ?”
मैंने उसके होंठ चूम लिए और कहा— “बहुत अच्छी।”
वो हँस पड़ी और बोली— “शरारती।”
मैंने हिम्मत करते हुए उसका हाथ पकड़ कर कहा— “तुम मुझे अच्छी लगती हो।”
इसे भी पढ़े – रंगीन मिजाज सरकारी अफ़सर को खुश किया
तो क्या करूँ? उसने मुस्कुराते हुए कहा।
मैंने कहा— “मैं तुम्हें प्यार करना चाहता हूँ।”
वो— “कैसे?”
मैंने आगे हो कर उसके बूब्स को दबाया और कहा— “इनको चूम और चूस कर।”
“कर लो जैसे तुम चाहो।”
इतना सुन कर मैं दीवाना हो गया और उसे पकड़ कर बेड पर ले गया। वो बेड पर लेट गई। मैंने उसके पहलू में लेट कर उसके होंठ चूसने शुरू कर दिए। काफी देर तक हम एक-दूसरे के होंठ चूसते रहे। फिर मैंने उसकी कमीज उतार दी। उसके बूब्स मेरे सामने स्विंग कर रहे थे।
मैंने उनको अपने हाथों में पकड़ कर हल्के से दबाना शुरू कर दिया। वो मोनिंग करने लगी। मैंने एक बूब के निप्पल को चूसना शुरू किया फिर दूसरे को। इस तरह काफी देर तक मैंने उसके बूब्स को चूसा। इसके बाद खड़े हो कर मैंने अपने कपड़े उतारे और उसे भी सारे कपड़े उतार दिए। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
उसने मेरे इरेक्टेड रॉड को अपने हाथों में पकड़ लिया और बोली कि तुम्हारे चाचा का कभी भी इतना सख्त नहीं हुआ। और उसे धीरे-धीरे प्रेस करने लगी। इस तरह करने से वो और हार्ड हो गया। मैंने रॉड उसके माउथ में डाल कर उसे इसे चूसने को कहा।
इसे भी पढ़े – सेक्सी मामी और भांजे के संभोग वाली रात
वो थोड़ी देर तक उसे लॉलीपॉप की तरह चूसती रही। इतनी देर तक मैंने उसकी कंट को सहलाया। फिर मैंने उसकी लेग्स को स्प्रेड किया और अपने रॉड को उसकी कंट के माउथ पर रख कर हल्के से पुश किया। इस तरह हल्के-हल्के मैंने पूरा रॉड उसके अंदर डाल दिया। फिर मैंने अपने स्ट्रोक्स की स्पीड बढ़ा दी। चाची के माउथ से मोनिंग की आवाज़ें निकल रही थीं और कह रही थी— “फक मी, फक मी हार्ड।” यह बात सुन कर मुझे और जोश आया और मेरे थ्रस्ट्स की स्पीड बढ़ गई। 15 मिनट बाद मैंने अपनी लोड उसके चूत में एक्सप्लोड कर दी।
वो भी उसी टाइम आई और मुझे बहुत ज़ोर से पकड़ लिया। मैं खुद को उसके शरीर पर गिरा दिया और उसके होंठ चूसने लगा। वो भी बहुत हार्ड रिप्लाई कर रही थी। मैंने कहा— “चाची, यू आर वेरी टेस्टी।” वो बोली— “यू आर आल्सो। और अब मुझे चाची मत कहना प्राइवेसी में। मेरे नाम से बुलाओ।” कुछ देर बाद मैंने ये फकिंग सेशन दोबारा रिपीट किया। उस दिन मैंने ये चार बार किया। ये रिलेशनशिप काफी लंबे समय तक चला जिसमें मैंने उसे चार बार प्रेग्नेंट किया। वो भी मुझे को-ऑपरेट करती रही और उसकी फ्रेंड्स सहित दूसरी औरतों को कन्वर्स करने में मदद करती रही।
ये Aunty Tight Bur Chudai Kahani आपको पसंद आई तो इसे अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और Whatsapp पर शेयर करे……………
अपने दोस्तों के साथ शेयर करे-
