xnxx Bhai Bahan Bathroom Sex – लंड पर साबुन लगवाया छोटी बहन से
sex story Bhai Bahan Bathroom Sex – लंड पर साबुन लगवाया छोटी बहन से
Bhai Bahan Bathroom Sex
बात उन दिनों की है जब मैं 20 साल का हुआ करता था और मेरी बहन 19 साल की। उस उम्र में भी मैं काफी होशियार था चूत और लंड के बारे में। कई लड़कियां मेरे लंड की तले गुजर चुकी थीं। एक दिन सुबह-सुबह मैं कॉलेज जाने को तैयार हो रहा था और जैसे ही मैं अपनी छोटी बहन के रूम में टाई लेने गया. Bhai Bahan Bathroom Sex
तब देखा कि वो टॉप पहन रही थी और नीचे पिंक कलर की चड्डी जो जालीदार थी, बहुत प्यारी लग रही थी। इतना अच्छा नजारा देखकर मैं वहीं दरवाजे की आड़ में रुक गया और उसे तैयार होते देखने लगा। उसने टॉप पहना और फिर स्कूल का स्कर्ट उठाया और पहनने लगी।
अब उसकी चड्डी स्कर्ट से छुप गई और वो पूरी तैयार हो गई। तब मैं उसके रूम में गया और टाई ढूंढने लगा और टाई उठाकर जानबूझकर इस तरह पलटा कि सिस से टकरा गया। टक्का सीधे उसकी चूची पर पड़ी थी और वो भी बहुत जोर से। वो संभल न पाई और गिर पड़ी।
और जब वो गिरी तो उसका छोटा सा स्कर्ट ऊपर हो गया, उसकी पिंक चड्डी एक बार फिर से नजर आने लगी। और मैंने अपना हाथ बढ़ाते हुए उसे उठाया और सॉरी बोला। तब उसने कहा कोई बात नहीं भैया। और फिर हम लोग कॉलेज चले गए पर मेरा दिल उसकी गोरी-गोरी जांघों और छोटी-छोटी सी चुचियों में उलझ गया था।
मैं पूरी तरह से डिस्टर्ब हो चुका था और पूरा मन उसको चोदने का बना चुका था पर समझ में नहीं आ रहा था कि क्या जुगत भिड़ाऊं। आखिर वो मेरी सगी बहन थी पर इरादा तो कर ही चुका था। और आखिर 2 दिन बाद मौका मिल ही गया। कॉलेज में स्ट्राइक पड़ गई और मम्मी नानी के यहां 5 दिन के लिए पापा के साथ चली गईं।
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और अब घर में सिर्फ मैं, काम वाली बाई और प्रेरणा रह गए। तब एक दिन काम वाली बाई नहीं आई थी और प्रेरणा बैठकर बर्तन धो रही थी। वो घर में फ्रॉक पहना करती थी और अभी उम्र भी ज्यादा नहीं थी तो उसको अपने कपड़ों का जरा भी ख्याल नहीं रहता था.
पर मेरी नजर तो इसीलिए तरसती करती थी कि कब उसकी चड्डी का नजारा मिले और कब मैं अपनी आंखें सुकून और इस तरह से उसकी चड्डी एक बार फिर से नजर आ रही थी और इस बार उसकी चिकनी जांघों के बीच में ब्लैक कलर की पैंटी बहुत खूबसूरत लग रही थी। और फिर बर्तन धोने की वजह से उसकी फ्रॉक भी भीग चुकी थी.
जिसके नीचे वो कुछ भी नहीं पहने थी जिससे उसकी छोटी-छोटी नींबू की तरह उभार वाली चूची साफ नजर आ रही थी और उसके निप्पल्स भी उभरे हुए थे। तब ही बर्तन धोने के बाद वो नहाने चली गई। अपने घर में बाथरूम के साथ ही टॉयलेट अटैच था तो मैं भी मौका देखकर अंदर घुसने की फिराक में था.
पर दरवाजा अंदर से बंद था और तब मैंने दरवाजा खटखटाया। तब प्रेरणा बोली क्या हुआ भैया। मैंने कहा प्रेरणा दरवाजा खोलो मुझे बाथरूम लगी है। उसने कहा अभी तो मैं नहा रही हूं थोड़ा रुक जाओ। पर मैंने कहा नहीं बहुत जोर की लगी है। तब उसने कहा अभी मैं पूरी नंगी हूं जरा रुक जाओ सारे बदन पर साबुन लगा है अभी तो टॉवल भी नहीं पहन सकती भाई प्लीज जरा सी देर और रुको।
तब मैं रुक गया और फिर 2 मिनट बाद जोर से चिल्लाया अरे यार जल्दी से दरवाजा खोलो नहीं तो रूम गंदा हो जाएगा। और फिर प्रेरणा ने डर कर दरवाजा खोल दिया। उसे देखते ही मेरे लंड में तनाव आ गया। वो पूरी तरह से भीगी हुई थी और उसके बदन पर अभी भी साबुन लगा हुआ था।
वो मुझे अपनी तरफ देखते हुए कुछ सकपका गई और फिर बोली भैया आपको अब बाथरूम नहीं करनी जल्दी से कीजिए ताकि मैं नहा सकूं। तब मैंने कहा हां हां और मैंने अपना पजामा तो बाहर पहले ही उतार दिया था इस वक्त सिर्फ फ्रेंची पहने था और मेरा लंड बहन को नंगा देखकर तन चुका था।
मैंने अंदर जाकर अपनी अंडरवियर को भी उतार दिया अब पूरा नंगा हो गया और बहन की तरफ मुंह करके अपने लंड को हाथ से सहलाते हुए पेशाब करने लगा। प्रेरणा थोड़ा शरमा रही थी और एक तरफ कोने में खड़ी हुई थी और मेरे लंड को अजीब-चोर नजरों से देख रही थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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और फिर मैंने पेशाब करने के बाद कहा कि प्रेरणा तू नहा क्यों नहीं रही है। तब उसने कहा भाई आप अब बाहर जाइए तब मैं नहाऊं। तब मैंने कहा अरे मैं तेरा बड़ा भाई हूं तू मुझसे शरमा रही है। मैंने तो बचपन में तुझे कई बार नंगा देखा है और कई बार तुझे नहला भी चुका हूं।
ये कहकर मैंने उसकी पीठ पर हाथ फेरा जिससे वो थोड़ा सा पीछे हट गई और मैं अब तक नंगा ही था। मेरा लंड लटक रहा था जिसे वो चुपके-चुपके देख रही थी। तब मैंने कहा चल आज तुझे फिर से नहला दूं और ये कहकर मैंने शावर खोल दिया जिससे हम दोनों भीग गए।
फिर मैंने साबुन उठाकर उसके बदन पर रगड़ने लगा और बहुत धीरे-धीरे सारे बदन पर साबुन लगाया और फिर सामने आकर उसकी चूची पर भी साबुन लगाया। वो अब भी शरमा रही थी। चूची पर बहुत धीरे-धीरे साबुन मल रहा था और फिर साबुन एक तरफ रखकर उसकी चूची को खूब मसलने लगा और कहा कि यहां बहुत गंदगी रहती है इसको कस-कस कर मला करो।
और उसके निप्पल्स जो छोटे से अंगूर की तरह थे उनको उंगली के बीच में ले कर मसलने लगा। इतना सब होने के बाद कोई भी लड़की हो वो गर्म तो जाएगी ही और यही हाल प्रेरणा का भी हुआ। अब वो धीरे-धीरे सिसकने लगी थी। मैं समझ गया था अब इसे मस्ती आने लगी है।
तब ही मैंने उसके चूतड़ पर हाथ रखा और रगड़ने लगा। बहुत देर तक रगड़ने के बाद अब वो आह्ह करने लगी। तब मैंने कहा क्या हुआ प्रेरणा तू कराह क्यों रही है। तब उसने कहा पता नहीं भाई क्या हो रहा है एक अजीब सी गुदगुदी हो रही है सारे बदन में। बदन पर पानी पड़ा है फिर भी लग रहा है जैसे मैं जल रही हूं।
तब मैंने कहा अच्छा अब तू भी मुझे नहला और ये कहकर मैंने उसे साबुन पकड़ा दिया और फिर उसने सारे बदन पर साबुन लगाया। उसके नरम-नरम हाथों से साबुन लगवाने में मुझे बहुत मजा आ रहा था। जी कर रहा था अब इसी वक्त बाथरूम में पटक कर चोद डालूं पर मैं जल्दबाजी में काम खराब नहीं करना चाहता था क्योंकि वो लाइन पर तो आ ही रही थी।
और फिर मैंने उसको अपना लंड पकड़ा दिया जो एकदम किसी डंडे की तरह अकड़ रहा था। वो हाथ में लेने से झिझक रही थी पर मैंने कहा देखो मैंने तुमको नहलाया है अब तुम भी मुझे नहलाओ। और फिर वो धीरे-धीरे मेरे लंड पर साबुन रगड़ने लगी और फिर मैंने कहा अब इसे रगड़ो तो।
तब उसने लंड को रगड़ना शुरू कर दिया और मुझे उसके मुलायम हाथ से मुठ मारवाना बहुत अच्छा लग रहा था। अब मेरे मुंह से भी सिसकारी निकल रही थी। तब मैंने कहा आह्ह्ह्ह… प्रेरणा जल्दी-जल्दी करो। मुझे कराहते देखकर प्रेरणा डर गई बोली कि भाई आपको क्या हुआ। मैंने कहा बहुत दर्द हो रहा है जल्दी-जल्दी करो। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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और वो फिर से हाथ चलाने लगी और थोड़ी देर बाद ही मेरे लंड से पिचकारी की तरह मेरा रस निकला और उसके बदन पर चिपक गया जिसे वो बहुत गौर से देख रही थी। वगैरह सब ध्यान से देखिए मैं अपनी छोटी सिस के साथ बाथरूम में नहाने के बाद क्या करता हूं।
जब मैंने उसके नाजुक गुलाबी बदन पर साबुन लगाया और उसकी चूची मसलते हुए दबा रहा था तब प्रेरणा सिसक रही थी और फिर मैंने उसकी बुर जिस पर अभी नाम के लिए सिर्फ गोल्डन बाल उगे हुए थे। जब मैं उसकी चूत सहलाने लगा और उसकी चूची कस कर दबाने लगा तब वो कराहने लगी।
मैंने पूछा क्या हुआ? प्रेरणा ने कहा भाई पता नहीं सारा बदन गीला है फिर भी ऐसा लग रहा है मैं जल जाऊंगी। तब मैंने उसे अपना लंड पकड़ाते हुए कहा अब तू भी मेरे लंड पर साबुन लगा। और जब वो लंड पर अपनी मुलायम उंगलियों से साबुन लगा रही थी तब तो कसम से इतना मजा आ रहा था कि मैं क्या बयान करूं।
वो तो वही जानता होगा जिसने कभी किसी लड़की से अपने लंड पर साबुन लगवाया होगा। और तब मेरी भी सिसकी निकलने लगी। तब मैंने कहा मेरी प्यारी लिटिल सिस अब साबुन रखकर इसे रगड़ो तो देखो कितना मैल जमा है यहां पर। और तब मेरी नासमझ बहन अपने दोनों हाथ से मेरा लंड मसलने लगी और मैं भी उसकी चुचियां मसल रहा था।
अब लंड की सहलाहट से मेरे मुंह से भी अजीब सी सिसकारी निकल रही थी। मैं ओओफ्फ्फ्फ कर रहा था। तब मुझे इस हाल में देखकर बहन डर गई और पूछने लगी कि क्या हुआ भाई आपको क्या दर्द हो रहा है। मैंने कहा हां बहुत दर्द हो रहा है अब तू जल्दी-जल्दी इसे आगे-पीछे कर।
और वो बहुत जल्दी-जल्दी आगे-पीछे करने लगी। तब ही मेरे लंड से पिचकारी निकली और उसके बदन पर किसी फुहार की तरह गिरी जिसे देखकर वो डर गई और घबरा कर बोली भाई ये क्या हुआ। तब मैंने कहा पता नहीं तूने क्या कर दिया। अब मुझे पता नहीं क्या हो जाएगा। वो बहुत डरने लगी।
तब मैंने कहा जो हो गया उसे जाने दो और अब बाहर आओ। फिर हम दोनों नंगे ही रूम में आए और मैंने उससे कहा कि अब तुम मेरी गोदी में बैठो तो तुम्हें एक बात बताऊं। और मैं वहीं सोफे पर पैर लटका कर बैठ गया। फिर वो भी शरमाते हुए अपनी चूत पर हाथ रखे हुए आई और मेरी गोदी में बैठ गई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
उसके बैठने से उसकी दोनों छोटी-छोटी नारंगी की तरह चूची बिल्कुल मेरे मुंह के पास थी जिसे मैं चूमने लगा और उसकी निप्पल्स को भी अपनी उंगली के बीच में रखकर सहला रहा था। अब उसकी बुर में भी तबीयत से कीड़े रेंगने लगे थे। वो आह्ह्ह कर रही थी।
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मैंने कहा क्या हुआ बहन। तब उसने अपनी बुर की तरफ इशारा करते हुए कहा कि भाई यहां बहुत जोर से गुदगुदी हो रही है कुछ कीजिए। तब मैंने उसे वहीं सोफे पर चित्त लिटाया और उसकी दोनों जांघों के बीच में बैठ गया और अपनी जीभ को उसकी चूत की दरार जो देखने में बहुत ही खूबसूरत लग रही थी क्योंकि अभी तक वो चुद नहीं थी जिससे उसकी बुर की दरार आपस में चिपकी हुई थी।
मैं उसे चुटकी में लेकर मसलने लगा और उसकी चूत पर एक मटर की तरह दाना भी उभरा हुआ था जिसे मैं अपनी जीभ से रगड़ने लगा। अब तो उसका हाल बहुत ही बुरा हो गया। और उसने दोनों हाथ मेरे गले में बांधते हुए मुझे अपनी तरफ खींच लिया और बोली खा जाओ मेरी चूत भाई बहुत कुलबुला रही है प्लीज कुछ कीजिए भाई अगर जल्दी कुछ न किया तो कुछ न कुछ हो जाएगा।
और तब मैं उठा और उसके दोनों पैरों को ऊपर की तरफ उठाकर अपने कंधे पर रखा और अपना लंड उसकी चूत में घुसेड़ने लगा मगर ये क्या बहुत जोर लगाने पर भी लंड अंदर नहीं जा रहा था। और अब तो वो खुद भी अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़कर अंदर बुर में घुसेड़ने की कोशिश कर रही थी मगर सारी कोशिश नाकाम।
आखिर मैंने उसको एक बार चूसकर पानीयाने की सोच ली और उस वक्त चूत मारने का इरादा छोड़ दिया और झट से अपनी जबान उसकी चूत पर फेरने लगा और फिर अपनी उंगलियों से उसकी बुर फैला कर उसकी बुर में अपनी जीभ डाल दी। अब उसको कुछ करार आया और वो मेरा सर पकड़कर अपने चूतड़ को उचकाने लगी और थोड़ी देर बाद ही वो झड़ गई।
उसकी चूत से बहुत सारा रस निकला था। तब ही मैंने अपने लंड को उसकी गीली चूत पर रखा और बिना मौका गंवाए उसकी चूत में एक करारा धक्का मारा और कसम से इतना जोरदार धक्का मारने के बाद भी सिर्फ 4 इंच लंड ही अंदर गया था। और प्रेरणा इतनी जोर से चीखी थी कि अगर पापा मम्मी घर पर होते तो शायद उस दिन मेरी गांड फट जाती। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
और मैंने तुरंत उसके होंठ अपने होंठ में ले लिए और चूची को दबाते हुए एक धक्का और मारा और फिर से २ इंच लंड और अंदर गया। अब तो वो आह्ह्ह मर गई आह्ह मम्मी बचाओ भैया प्लीज छोड़ दीजिए मुझे आह्ह मर जाऊंगी मैं बहुत दर्द कर रहा है आह्ह। और तब ही मैंने एक धक्का और मारा और उसकी बुर की झिल्ली को फाड़ता हुआ मेरा लंड उसकी आखिरी किनारे तक चला गया।
अब तो उसकी बुर से खून की बूंदें गिरने लगीं और जब उसने देखा तो चिल्लाने लगी हायययय भैया ये क्या हुआ मेरी चूत फाड़ डाली आपने अब क्या होगा? जल्दी से डॉक्टर के पास लेकर चलिए। तब ही मुझे आइडिया आया और मैंने अपना लंड बाहर निकाला। मेरे लंड पर खून लगा हुआ था। मैंने कराहते हुए कहा साली नाटक कर रही है खून मेरे लंड से निकला है और दर्द तुझे हो रहा है।
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मेरे लंड को खून से लथपथ देखकर प्रेरणा अपना दर्द भूल गई और फिर मुझसे बोली कि भैया अब ये लंड का दर्द खत्म कैसे होगा। तब मैंने कहा कि अभी जैसे मेरे लंड से तूने बाथरूम में पानी निकाला था वैसे ही तेरी चूत से भी पानी निकाल कर मेरे लंड पर पड़ेगा तब इसका दर्द कम होगा। और तब उसने कहा अच्छा अब आप अपना लंड मेरी बुर में फिर से डाल लीजिए और अपना दर्द कम कीजिए। पर मैंने नाटक करते हुए कहा अभी फिर से तू चिल्लाएगी और रोएगी।
तब वो बोली नहीं भाई अब मैं नहीं रऊंगी। तब मैंने अपना लंड उसकी बुर में फिर से डाल दिया और जमकर चुदाई करने लगा। कुछ देर बाद उसको बहुत मजा आने लगा और वो बोली आह्ह भाई अब तो मुझे बहुत मजा आ रहा है जल्दी-जल्दी धक्के लगाइए और मुझे ऐसा लग रहा है कि मेरी बुर से भी कुछ निकलने वाला है। तब ही मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और वो झड़ गई। थोड़ी देर बाद ही मैं भी अपने लंड के रस को उसकी चूत में उड़ेल कर वहीं उसके ऊपर गिर गया। और रात को करीब 3 बार मैंने उसको कई एंगल से चोदा।
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