Sex story Threesome Sex Fantasy Kahani – दोस्त बुला कर गर्लफ्रेंड को चुदवाया
sex story Threesome Sex Fantasy Kahani – दोस्त बुला कर गर्लफ्रेंड को चुदवाया
Threesome Sex Fantasy Kahani
मेरा नाम अमृत है। बाईस साल का जवान लड़का, दिल्ली में आईटी जॉब करता हूँ, जिम जाता हूँ, बॉडी ठीक-ठाक बनी हुई है, लेकिन दिमाग में हमेशा कुछ न कुछ गंदा चलता रहता है। रश्मिका से एक डेटिंग ऐप पर मिला था। इक्कीस साल की, दूध जैसी गोरी त्वचा, लंबे काले बाल जो कमर तक लहराते हैं, बड़ी-बड़ी काली आँखें और वो मुस्कान जो देखते ही लंड में आग लगा देती है। Threesome Sex Fantasy Kahani
पहली मुलाकात में ही हम कॉफी शॉप से उसके फ्लैट पर पहुँच गए थे। उस रात वो मुझसे ऐसी चुदी कि मैं आज भी वो एहसास भूल नहीं पाता – उसकी चूत इतनी टाइट और गर्म थी कि हर धक्के में लगता था जैसे कोई रेशमी गर्माहट मेरे लंड को निचोड़ रही हो, उसकी साँसें मेरी गर्दन पर गर्म हवा की तरह पड़ रही थीं, उसकी नरम जांघें मेरी कमर से लिपटकर मुझे और गहराई में खींच रही थीं।
वो भी पूरी रंडी बनकर साथ देती थी, कराहते हुए गंदी बातें करती थी, “अमृत… और जोर से पेल… अपनी रंडी बना ले मुझे…”। हमारी सेक्स लाइफ कमाल की थी – हर वीकेंड नई जगहें, नई पोजीशनें, कभी कार की पिछली सीट पर, कभी होटल के बालकनी में, उसकी चूत की वो मीठी-नमकीन खुशबू जो मुझे हमेशा पागल कर देती थी।
धीरे-धीरे रश्मिका मेरी दीवानी हो गई, कहती रहती थी कि मेरे बिना नहीं रह सकती। मैं भी उसे खोना नहीं चाहता था – उसका मुलायम शरीर, उसकी गीली चूत, उसकी कराहटें, सब कुछ मुझे बाँधे रखता था। नौ महीने बाद हम ऑफिशियल रिलेशनशिप में आ गए।
लेकिन सच ये था कि मैं उसे उतना गहरा प्यार नहीं करता था जितना वो मुझे, मैं उसके साथ खुश था, पर मेरे दिमाग में एक गंदी फैंटसी पनप रही थी – थ्रीसम। मैं उसे दो लंडों के बीच देखना चाहता था, उसकी चीखें सुनना चाहता था, मदन का मोटा लंड उसकी चूत में धंसता हुआ, रश्मिका का शरीर पसीने से तर, बस सोचकर ही मैं रात को मुट्ठ मार लेता था।
इंडियन लड़की को ऐसी फैंटसी के लिए मनाना आसान नहीं था। रश्मिका का बॉडी काउंट सिर्फ दो था – एक पुराना एक्स और मैं। मैंने बहुत धीरे-धीरे शुरूआत की। सेक्स के बाद जब हम नंगे लिपटे रहते थे, उसके स्तनों पर मेरी उँगलियाँ फिरती रहती थीं, मैं थ्रीसम पोर्न वीडियोज दिखाता।
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पहले वो शॉक हो जाती, आँखें बड़ी करके कहती, “ये क्या पागलपन है अमृत? मैं कभी नहीं कर सकती।” लेकिन मैं उसे लंबे किस देता, उसकी चूत में उँगलियाँ घुमाते हुए कान में फुसफुसाता, “सोच बेबी… एक और लंड तेरी चूत में… मैं तेरे साथ हूँ ना… कितना मजा आएगा, तेरी चूत और भी गीली हो जाएगी।”
दो महीने लगे। हर रात मैं उसे उत्तेजित करता, उसकी क्लिट पर जीभ फिराते हुए कहता, “कल्पना कर… कोई और लंड तेरी चूत फाड़ रहा है…”। आखिरकार एक रात, मेरे लंड पर झड़ने के बाद वो मेरे सीने से लिपटकर बोली, “ठीक है… ट्राई करेंगे। लेकिन कोई जाना-पहचाना नहीं, ना मेरा फ्रेंड, ना तेरा।”
मैं खुशी से पागल हो गया। हम उसी ऐप पर कपल प्रोफाइल बनाकर बुल ढूंढने लगे। कई डेट्स हुईं, लेकिन हर बार रश्मिका शरमा जाती, बातें अटक जातीं, वो उठकर चली जाती। आखिरी डेट से लौटकर वो फ्रस्ट्रेटेड होकर बोली, “बस अमृत… अब मुझे कोई परवाह नहीं कौन आएगा। बस करवा दो ये थ्रीसम, मेरी ये टेंशन खत्म करो।”
मैंने उसे गले लगाया, उसके होंठ चूसते हुए मन ही मन मुस्कुराया – अब सही मौका है। मैंने मदन को कॉल किया। कॉलेज का पुराना दोस्त, जिम फ्रीक, चौड़ा सीना, मसल्स जो टी-शर्ट फाड़ने को तैयार रहते हैं। रश्मिका को ऐसे लड़के बहुत पसंद थे, वो कई बार कह चुकी थी। मैंने सब बताया।
पहले तो मना किया, “पागल हो गया है भाई?” लेकिन जब मैंने रश्मिका की बिकिनी और टाइट ड्रेस वाली फोटोज दिखाईं तो तुरंत हाँ कर दी। “कब?” “कल रात से, रश्मिका के पैरेंट्स किसी रिश्तेदार की शादी में जा रहे हैं, कल सुबह से अगली सुबह तक घर पूरी तरह खाली रहेगा।” ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
अगली सुबह रश्मिका के मम्मी-पापा शादी में चले गए थे, सामान पैक करके गाड़ी में बैठते वक्त रश्मिका को किस करके बोले थे कि रात भर घर पर आराम करना, हम कल सुबह तक वापस आएँगे। जैसे ही उनकी गाड़ी गई, रश्मिका ने मुझे मैसेज किया – “आ जा जल्दी, घर खाली है।”
मैं वोदका, बीयर, व्हिस्की की बोतलें और कुछ स्नैक्स लेकर दोपहर बारह बजे उसके फ्लैट पर पहुँच गया। दरवाजा खोलते ही रश्मिका ने मुझे जोर से गले लगाया, उसकी आँखों में घबराहट और उत्सुकता दोनों थीं। वो गुलाबी रंग की पतली टॉप पहने थी जिसमें उसके गोल स्तन साफ उभरे हुए थे, काली शॉर्ट्स में उसकी मुलायम जांघें चमक रही थीं, बाल खुल्ले थे और हल्की परफ्यूम की खुशबू आ रही थी।
“कौन आने वाला है आज?” उसने पूछा। मैंने मुस्कुराकर कहा, “सरप्राइज है बेबी… पहले रिलैक्स करते हैं, पूरी रात और पूरा कल सुबह तक तो हमारा टाइम है।” हम सोफे पर बैठ गए, मैंने वोदका के शॉट बनाए, नींबू और बर्फ डाली। वो पहले मना करती रही, लेकिन मैंने उसके गाल सहलाए, उसकी गर्दन पर नरम किस किया और ग्लास उसके होंठों से लगाया।
धीरे-धीरे उसने पाँच-छह शॉट पी लिए, उसकी आँखें चमकने लगीं, गाल गुलाबी हो गए, साँसें गर्म और तेज। मैंने उसके बालों में उँगलियाँ फेरीं, उसकी गर्दन पर नाक रगड़ी, उसकी त्वचा की वो मुलायम, हल्की मीठी खुशबू सूँघते हुए फुसफुसाया, “रश्मिका… तू आज कितनी सेक्सी लग रही है… तेरी चूत सोचकर ही गीली हो रही होगी ना?”
वो सिहर उठी, मेरे सीने से लिपट गई, उसके हाथ मेरे लंड पर पहुँच गए, “अमृत… तुम बहुत गंदे हो… पर आज मुझे भी कुछ गंदा करने का मन है।” हमने लंबे समय तक किस किया, जीभें एक-दूसरे में उलझी हुईं, उसके होंठों का वो नरम, मीठा स्वाद मुझे पागल कर रहा था।
मैंने उसका टॉप ऊपर उठाया, ब्रा में कैद उसके गोल, भारी स्तन सहलाए, निप्पल्स पहले से ही कड़े हो चुके थे, ब्रा के कपड़े पर साफ दिख रहे थे। मैंने ब्रा ऊपर सरकाई, एक निप्पल पर सिर्फ़ गर्म साँसें डालीं, बिना छुए, हवा की तरह। रश्मिका का शरीर काँप उठा, उसकी छाती तेजी से ऊपर-नीचे होने लगी, उसकी साँसों की गर्मी मेरे चेहरे पर पड़ रही थी, “उफ्फ़… अमृत… मत तड़पाओ… चूसो ना…”। “Threesome Sex Fantasy Kahani”
कई घंटे ऐसे ही बीते – ड्रिंक्स, हँसी-मजाक, पुरानी यादें, हल्की-हल्की छेड़खानी। वो अब पूरी तरह रिलैक्स थी, मेरी गोद में बैठी थी, मेरे लंड को पैंट के ऊपर से सहला रही थी, उसकी उँगलियाँ गर्म और नरम थीं। शाम सात बजे के करीब डोरबेल बजी। रश्मिका चौंकी, उसकी साँसें एक पल को रुक गईं, “कौन?” मैंने मुस्कुराकर कहा, “वही जिसका इंतजार था।”
दरवाजा खोला तो मदन अंदर आया, हाथ में एक बोतल और मुस्कान लिए, टी-शर्ट में उसकी मसल्स उभरी हुईं, उसकी बॉडी से आ रही हल्की परफ्यूम और पसीने की मर्दाना खुशबू कमरे में फैल गई। रश्मिका उसे देखकर पहले स्तब्ध रह गई, फिर थोड़ा गुस्सा, “मदन? तुम? अमृत, तूने बिना बताए कॉलेज वाले को बुला लिया?”
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मैंने हँसकर कहा, “तुझे तो ऐसे वेल-बिल्ट लड़के पसंद हैं ना? अब पूरी रात है, मजा आएगा।” वो शरमाकर सोफे पर सिकुड़ गई, लेकिन ड्रिंक का असर था, उसकी आँखों में एक छुपी हुई चमक साफ दिख रही थी, उसकी जांघें बेचैनी से रगड़ रही थीं। माहौल शुरू में थोड़ा अजीब था, लेकिन मैंने फिर शॉट सर्व किए, मदन ने भी पीना शुरू किया।
कॉलेज के पुराने किस्से छेड़े, हँसी-मजाक चला। धीरे-धीरे रश्मिका खुलने लगी, हँसने लगी, उसकी हँसी की वो मधुर आवाज कमरे में गूंज रही थी। मैंने उसके कंधे पर हाथ रखा, मदन की तरफ देखकर मुस्कुराया और फिर रश्मिका को लंबा किस किया – सबके सामने। वो पहले हिचकिचाई, लेकिन फिर जीभ से पूरा जवाब देने लगी, उसके होंठ गर्म और गीले थे।
मैंने उसका टॉप उतार दिया, अब वो सिर्फ ब्रा और शॉर्ट्स में थी, उसकी गोरी त्वचा लाइट में चमक रही थी। मैंने ब्रा खोली, उसके गुलाबी निप्पल्स हवा में सख्त होकर खड़े हो गए, जैसे पुकार रहे हों। मैंने अपना मुँह बाएँ स्तन के पास ले जाकर पहले सिर्फ़ गर्म साँसें डालीं, हवा की तरह, फिर जीभ की नोक से हल्का सा छुआ। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
रश्मिका का शरीर सिहर उठा, उसकी साँसें तेज हो गईं, “हाय… अमृत… उफ्फ़…”। मदन को इशारा किया। वो आगे बढ़ा, उसकी मजबूत, गर्म उँगलियाँ रश्मिका की कमर पर फिरीं, उसकी त्वचा पर हल्की कंपकंपी दौड़ गई। उसने भी वही किया – पहले गर्म साँसें, फिर हल्का लिक। अब दोनों निप्पल्स पर दो अलग-अलग मुँह की गर्मी पड़ रही थी, जीभें घूम रही थीं, चूस रही थीं। “Threesome Sex Fantasy Kahani”
रश्मिका की आँखें बंद हो गईं, मुँह खुला रह गया, हल्की-हल्की कराहटें निकल रही थीं, “हाय… ये क्या हो रहा है… दोनों तरफ… आह्ह… कितना अच्छा लग रहा है…”। उसकी चूत से वो मादक, हल्की मछली जैसी लेकिन मीठी-गीली खुशबू कमरे में फैलने लगी, जो मुझे हमेशा बेहोश कर देती थी।
मेरे दिमाग में सिर्फ़ एक विचार था – आज ये रंडी पूरी तरह हमारी होने वाली है। मैंने उसकी शॉर्ट्स और पैंटी धीरे से नीचे सरकाई, उसकी चिकनी, गीली चूत सामने आ गई, उसकी चमक और गर्मी साफ महसूस हो रही थी। मैंने उसके पैर चौड़े किए, अपनी नाक उसके ऊपर ले गया – वो गर्म, मदहोश करने वाली खुशबू जो मेरे दिमाग को सुन्न कर देती थी।
मैंने जीभ बाहर निकाली और सबसे पहले उसकी क्लिटोरिस पर हल्का सा स्पर्श किया, जैसे बर्फ पर गर्म चाय की बूंद। रश्मिका का पूरा शरीर झटका खाकर ऊपर उछला, उसकी जांघें मेरे कंधों पर सख्त हो गईं, उसकी उँगलियाँ मेरे बालों में कस गईं।
“आह्ह… स्सी… अमृत… चाट ना… और जोर से… मत तड़पाओ…” वो अब अपनी चूत मेरे मुँह पर रगड़ रही थी, उसका रस मेरे होंठों पर लग रहा था, स्वाद मीठा-नमकीन। मदन उसके होंठ चूम रहा था, उसकी जीभ उसके मुँह में घुस रही थी, रश्मिका अब खुलकर, बेतहाशा जवाब दे रही थी। “Threesome Sex Fantasy Kahani”
फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला, पहले से कड़ा और गर्म। रश्मिका उसे देखते ही मुंह में ले लिया, पागल की तरह चूसने लगी, “मम्म्म… तेरा लंड सबसे बेस्ट है…”। मदन ने पैंट उतारी, उसका मोटा, लंबा लंड बाहर आया। रश्मिका की आँखें फैल गईं, “ये तो… अमृत से भी बड़ा… उफ्फ़… कितना मोटा है…”।
मैंने कहा, “चख ले।” वो झिझकी, लेकिन मैंने उसके सिर को पकड़कर धीरे से धकेला। उसने पहले जीभ की नोक से छुआ, फिर मुंह में लिया, “ओह्ह… मदन… कितना मोटा है… मुँह दर्द कर रहा है… पर स्वाद… मम्म… और गहरा दूँ?” अब वो दोनों लंड बारी-बारी चूस रही थी, उसकी लार टपक रही थी, गले तक ले रही थी, उसकी कराहटें लंड मुंह में होने के बावजूद निकल रही थीं।
मैंने उसे बेड पर लिटाया। मदन ने कंडोम लगाया और चूत पर लंड रखा। रश्मिका की साँसें तेज, उसने डरी-डरी लेकिन चाहत भरी आवाज में कहा, “मदन… धीरे डालना… बहुत मोटा लग रहा है… कहीं फट न जाऊँ… आह्ह… पर डालो ना… अमृत, देखो ना कितना बड़ा है ये…”। मदन ने धीरे-धीरे सरकाया, रश्मिका की चूत ने उसे निचोड़ा।
वो चीखी, “आआह्ह… मादरचोद… धीरे… पर अच्छा लग रहा है… और अंदर…”। मदन ने स्पीड बढ़ाई, चप-चप-चप की आवाजें कमरे में गूंजने लगीं, उसके स्तन उछल रहे थे। “हाँ मदन… ऐसे ही पेल… मेरी चूत फाड़ दो… अमृत, देख ना… तेरी गर्लफ्रेंड तेरे दोस्त से चुद रही है… आह्ह…”। मैं उसके मुंह में लंड दे रहा था। मदन का लंड देखकर मुझे हल्की जलन हुई, लेकिन रश्मिका की चीखें और उसकी तड़प सुनकर और ज्यादा मजा आ रहा था। “Threesome Sex Fantasy Kahani”
हमने पोजीशन बदली – मैं चूत में, मदन मुंह में। फिर डॉगी – मदन पीछे से जोर-जोर से ठोक रहा था, मैं सामने उसके बाल पकड़कर मुंह में। “रंडी… कितनी टाइट चूत है तेरी,” मदन कराहते हुए बोला। रश्मिका और पागल हो गई, “हाँ… मैं तुम्हारी रंडी हूँ… दोनों मिलकर चोदो… फाड़ दो मुझे…”। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
आखिर में हमने उसे सैंडविच बनाया। मैं नीचे लेटा, रश्मिका मेरे लंड पर बैठी, उसकी गर्म, गीली चूत मेरे लंड को पूरी तरह निगल गई। मदन पीछे से उसकी गांड सहला रहा था, उंगली कर रहा था। रश्मिका पहले डरी, “नहीं… गांड में नहीं…” लेकिन मैंने उसके होंठ चूसकर, स्तन मसलकर शांत किया।
मदन ने बहुत धीरे, लार लगाकर अपना मोटा लंड गांड पर रखा और सरकाया। रश्मिका रोते हुए चीखी, “आआह्ह… मर गई… स्सी… बहुत दर्द… पर… रुको मत… दोनों एक साथ… मेरी चूत और गांड जल रही है… हाय… और जोर से… मुझे रंडी बना दो आज…”। हमने स्पीड बढ़ाई, कमरे में सिर्फ चप-चप, रश्मिका की चीखें और हमारी कराहटें गूंज रही थीं।
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रश्मिका का शरीर काँपने लगा, “ओह्ह… फाड़ दो मुझे… दोनों लंड… झड़ने वाली हूँ… आह्ह… स्सी…”। वो झड़ी, उसकी चूत और गांड दोनों सिकुड़कर हमें निचोड़ने लगीं। मदन पहले झड़ा, फिर मैं। तीनों पसीने से तर-बतर, बेड पर गिर पड़े, साँसें तेज, शरीरों से गर्मी निकल रही थी।
रश्मिका हमारे बीच लिपटकर, मुस्कुराते हुए बोली, “अमृत… ये मेरी जिंदगी का बेस्ट था… कभी सोचा नहीं था इतना मजा आएगा।” पूरी रात और अगली सुबह तक हमने तीन और राउंड मारे, कभी वो दोनों लंड चूसती, कभी अलग-अलग, कभी एक साथ। सुबह जब मदन चला गया, हम नंगे लिपटकर सोए।
रश्मिका मेरे सीने पर सिर रखकर फुसफुसाई, “अबकी बार मैं किसी अनजान को चुनूँगी… ताकि और मजा आए।” मैं मुस्कुराया – ये फैंटसी तो बस शुरूआत थी। एक सप्ताह हो चुका था, रश्मिका अब पूरी तरह बदल चुकी थी, पहले जहाँ वो थ्रीसम की बात पर शरमाती थी, अब उसकी आँखों में एक छुपी हुई भूख साफ झलकती थी, जैसे कोई आग सुलग रही हो जो कभी बुझने वाली नहीं। “Threesome Sex Fantasy Kahani”
दिन भर ऑफिस में रहते हुए भी हम मैसेज पर एक-दूसरे को तड़पाते रहते, लेकिन रात को फोन सेक्स हमें बेहोश कर देता। रश्मिका अपनी चूत में उँगलियाँ घुमाते हुए कराहती, उसकी साँसें फोन में टूटती हुईं, गर्म और तेज आतीं, “अमृत, जल्दी अगला प्लान करो ना, मुझे फिर वो मजा चाहिए, कोई नया लंड, अनजान, जो मुझे पागल कर दे, मेरी चूत अभी से गीली हो रही है”।
मैं मुस्कुराता और उसकी कराहटें सुनकर अपना लंड जोर-जोर से सहलाता, “हाँ बेबी, बहुत जल्द, इस बार और बेहतर होगा, तू बस तैयार रहना, तेरी चूत को अच्छे से भर दूँगा”। मैंने उसे नहीं बताया कि इस बार क्या सरप्राइज प्लान किया है, डबल पेनिट्रेशन, वो सोच रही थी कि फिर वही नॉर्मल थ्रीसम होगा, लेकिन मैंने मन ही मन तय कर लिया था कि इस बार दोनों छेद भरने हैं।
हमने उसी डेटिंग ऐप पर फिर से कपल प्रोफाइल एक्टिव की, इस बार स्पष्ट लिखा, यंग बुल 20-23 साल, फिट बॉडी, अच्छा मोटा लंड, होटल मीट ओनली। मैसेज की बाढ़ आ गई, रश्मिका बेड पर लेटकर, कभी पैंटी नीचे करके चूत सहलाते हुए फोटोज देखती और चुनती, उसकी आँखें चमकतीं, साँसें तेज हो जातीं।
पहला लड़का था मनीष, 21 साल का, फोटोज में बॉडी अच्छी लग रही थी, चौड़ा सीना, लेकिन जब लंड की फोटो भेजी तो रश्मिका हँस पड़ी और नाराज भी हुई, “ये देख, कितना पतला है, जैसे पेंसिल, मदन वाला तो मोटा था ना, ये मेरी चूत को संतुष्ट नहीं करेगा, बस अंदर जाएगा और खो जाएगा, रिजेक्ट करो”।
दूसरा था अरुण, 23 साल का, जिम बॉडी, एब्स साफ दिख रहे थे, लंड की फोटो में मोटाई ठीक थी, नसें उभरी हुईं, रश्मिका उत्तेजित हो गई, “ये अच्छा लग रहा है” लेकिन चैट में वो बहुत घमंडी निकला, “मैं तो रोज कपल्स के साथ करता हूँ, तुम लकी हो कि मैं आऊँगा, मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड को इतना चोदूँगा कि वो मुझे भूल नहीं पाएगी”. ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
रश्मिका का मूड खराब हो गया, उसकी आँखें सिकुड़ गईं, “ये तो बहुत ओवरकॉन्फिडेंट है, मुझे ऐसे नहीं चाहिए जो मुझे ऑब्जेक्ट समझे, जैसे मैं उसकी ट्रॉफी हूँ, रिजेक्ट, ब्लॉक करो”। तीसरा था समीर, फोटोज में हैंडसम, बॉडी एवरेज लेकिन चेहरा क्यूट, लंड ठीक-ठाक, वीडियो कॉल पर मिले तो उसकी आवाज पतली और बात करने का तरीका बिल्कुल बच्चा लग रहा था, जैसे अभी-अभी कॉलेज जॉइन किया हो. “Threesome Sex Fantasy Kahani”
रश्मिका बोली, “ये तो बहुत कच्चा है, आवाज सुनकर ही मजा खत्म हो गया, मुझे जवान चाहिए पर मर्दाना, ये तो लग रहा है पहली बार कर रहा होगा, नेक्स्ट”। कई और आए, एक शादीशुदा निकला, उसने रिंग वाली फोटो गलती से भेज दी, रश्मिका बोली “नहीं, रिस्क नहीं लेना”।
दूसरा सिर्फ फोटोज भेजकर गायब हो गया, तीसरा सिर्फ ओरल चाहता था, “मैं सिर्फ चाटना और चुसवाना पसंद करता हूँ”, रश्मिका हँसते हुए बोली, “ये तो मुझे चोदेगा ही नहीं, पास”। रश्मिका फ्रस्ट्रेटेड हो रही थी, रात को फोन पर बोली, “कितने लड़के हैं पर कोई परफेक्ट नहीं, मेरी चूत तड़प रही है”। मैं उसे और तड़पाता, “सही वाला मिलेगा, धैर्य रख”।
आखिरकार एक लड़के पर नजर ठहर गई, 22 साल का कॉलेज स्टूडेंट, फोटोज में जिम बॉडी कमाल की, चौड़ा सीना, कसी हुई एब्स जो शर्ट के नीचे से भी उभर रही थीं, चेहरा हैंडसम, मुस्कान मारक, और लंड की फोटो देखकर रश्मिका की साँसें रुक सी गईं, मोटा, लंबा, नसें फटी हुईं, टिप गुलाबी और चमकदार.
वो बेड पर लेटकर फोटो जूम करके देख रही थी, उसकी उँगलियाँ अपनी चूत पर तेजी से घूमने लगीं, “ये, परफेक्ट है, देख अमृत, कितना मोटा है, मेरी चूत को फाड़ देगा, हाँ, यही चाहिए, नाम क्या है, विजय, जल्दी कॉल करो”। हमने उसे कॉफी डेट पर बुलाया, वो आया तो रश्मिका की नजरें उसकी बाजुओं और छाती पर अटक गईं, उसकी जांघें बेचैनी से रगड़ रही थीं.
उसकी साँसें थोड़ी तेज हो गईं जब उसने मुस्कुराकर रश्मिका की आँखों में देखा, उसकी मर्दाना खुशबू कॉफी शॉप में भी फैल गई। बातें अच्छी चलीं, वो नर्वस था लेकिन जोश से भरा, उसकी आवाज गहरी और आत्मविश्वास वाली। मैंने अलग से उसे मैसेज किया, सरप्राइज डबल प्लान है, तैयार, उसने तुरंत हाँ कहा, “बिल्कुल, रश्मिका इतनी हॉट है, दोनों छेद लूँगा”।
अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : चुदने के लिए बेचैन लड़की को चुदवाना सिखाया
आखिरकार वो रात आ गई। दिल्ली के एक लग्जरी होटल के स्वीट रूम में हम पहुँचे, मुलायम किंग साइज बेड जिसकी चादरें सफेद और चिकनी थीं, डिम गोल्डन लाइट्स जो कमरे को मदहोश बना रही थीं, बड़ी मिरर वाली दीवारें जिनमें हर कोण से सब साफ दिखता था, हवा में हल्की लैवेंडर की खुशबू जो रश्मिका की परफ्यूम से मिलकर और मादक हो गई।
रश्मिका ने खुद को पूरी रंडी की तरह तैयार किया था, लाल लेस वाली ब्रा-पैंटी जो उसके दूध जैसे गोरे शरीर पर आग लगा रही थी, ऊपर से टाइट ब्लैक ड्रेस में उसके भरे हुए कर्व्स, गोल-गोल गांड और उभरे हुए स्तन साफ झलक रहे थे, होंठों पर गहरी लाल लिपस्टिक जो चूमने को पुकार रही थी, आँखों में मोटा काजल, बाल खुल्ले लहराते, और वो मादक परफ्यूम जो कमरे में आते ही हमें मदहोश करने लगा।
मैंने उसे पीछे से गले लगाया, उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए, लंड को उसकी गांड की दरार में रगड़ते हुए कान में फुसफुसाया, “आज तू बहुत खतरनाक लग रही है, आज तेरी चूत अच्छे से भरवाऊँगा”। वो सिहर उठी, मेरे लंड को पीछे से महसूस करके कराहते हुए बोली, “हाँ, आज फिर पूरी रात चुदाई, मेरी चूत अभी से पानी छोड़ रही है”।
हमने वोदका के शॉट लिए, बर्फ की ठंडक और वोदका की जलन ने रश्मिका की हल्की नर्वसनेस को मदहोशी में बदल दिया, उसकी आँखें चमकने लगीं, गाल लाल, साँसें गर्म। लड़का समय पर आया, टाइट शर्ट में उसकी मसल्स फट रही थीं, उसकी ताजा मर्दाना खुशबू, पसीना और कोलोन मिलकर, कमरे में घुल गई। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
तीनों सोफे पर बैठे, ड्रिंक्स पीते हुए हल्की बातें कीं, लेकिन रश्मिका की साँसें पहले से तेज थीं, उसकी जांघें बेचैनी से रगड़ रही थीं, उसकी ड्रेस का निचला हिस्सा थोड़ा ऊपर सरक गया था और उसकी गोरी जांघें चमक रही थीं। मैंने माहौल गरम किया, रश्मिका के कंधे पर हाथ फेरा, उसकी गर्दन पर गर्म साँसें डालीं, उसकी त्वचा की वो मुलायम, मीठी खुशबू सूँघते हुए.
फिर लंबा गहरा किस किया, जीभें एक-दूसरे में उलझी हुईं, उसके होंठों का मीठा, गर्म स्वाद मेरे मुँह में फैल रहा था, उसकी जीभ मेरी जीभ को चूस रही थी। वो पूरी तरह खुल गई, कराहते हुए मेरी जीभ चूसने लगी, उसके हाथ मेरे बालों में कस गए। लड़का चुपचाप देख रहा था, उसकी साँसें तेज, पैंट में उभार साफ दिख रहा था। “Threesome Sex Fantasy Kahani”
मैंने रश्मिका की टाइट ब्लैक ड्रेस को धीरे-धीरे ऊपर सरकाया, उसकी मुलायम जांघें पूरी तरह नंगी हो गईं, फिर ड्रेस उसके स्तनों तक पहुँची, लाल लेस ब्रा के हुक पीछे से दिख रहे थे। मैंने जानबूझकर हुक नहीं खोले, सिर्फ़ ब्रा को ऊपर सरकाया ताकि उसके भरे हुए गोल स्तन आधे बाहर लटकने लगें, गुलाबी निप्पल्स ब्रा के लेस से रगड़ खाकर और सख्त हो गए।
रश्मिका की साँसें तेज हो गईं, उसकी छाती हर साँस के साथ ऊपर-नीचे हो रही थी, जैसे वो खुद ब्रा फाड़कर बाहर निकालना चाहती हो। मैंने अपना मुँह उसके बाएँ स्तन के पास ले जाकर पहले सिर्फ़ गर्म गर्म साँसें डालीं, बिना छुए, हवा की तरह। वो काँप उठी, उसकी कमर अपने आप ऊपर को उचकी, पीठ सोफे पर टिकी लेकिन शरीर आगे झुक गया.
“अमृत, उफ्फ़, साँसें महसूस हो रही हैं, कुछ करो ना, तड़पा रहे हो”। लड़के ने भी दूसरी तरफ वही किया, उसकी नम, गर्म साँसें दाएँ निप्पल पर पड़ रही थीं। अब दोनों निप्पल्स हवा और साँसों से काँप रहे थे, सूजकर लाल हो गए थे। रश्मिका की आँखें बंद, मुँह से छोटी-छोटी सिसकारियाँ निकल रही थीं, उसके हाथ हमारे सिरों की तरफ बढ़े लेकिन हमने पीछे हट गए, टीजिंग जारी।
मेरे दिमाग में विचार चल रहा था, ये अच्छी घरेलू लड़की अब अनजान लड़के की साँसों से भी तड़प रही है, उसकी चूत से खुशबू और तेज हो रही है। आखिरकार मैंने जीभ की सिर्फ़ नोक से बाएँ निप्पल को छुआ, एक हल्का सा लिक। रश्मिका का शरीर बिजली लगने की तरह झटका खाकर ऊपर उछला, “आह्ह, हाय रे, दोनों तरफ, जीभ की नोक, बस इतना सा, और करो ना”।
लड़के ने भी वही किया। अब हम जीभ से हल्के घेरे बना रहे थे, चूस नहीं रहे थे। रश्मिका की सिसकारियाँ कराहट में बदल गईं, “दोनों एक साथ मेरे बूब्स को तड़पा रहे हो, मैं पहले सिर्फ तेरी थी अमृत, अब अनजान की जीभ भी, चूसो जोर से, मेरे निप्पल्स फट जाएँगे, दर्द अच्छा लग रहा है”।
तब जाकर हमने मुंह में लिया, जोर से चूसा, हल्के दाँत गड़ाए, लार से तर कर दिया। उसके स्तन चमकने लगे, निप्पल्स सूजकर दोगुने हो गए। रश्मिका की चूत से वो तेज मादक खुशबू और गाढ़ी हो गई, कमरे में फैलकर हमें और पागल कर रही थी। मैंने उसकी लाल पैंटी धीरे से नीचे सरकाई, उसकी फूली हुई, चिकनी चूत सामने आ गई, क्लिट सूजी हुई, रस की बूंदें जांघों पर लहरा रही थीं, जैसे कोई मोती टपक रहा हो। “Threesome Sex Fantasy Kahani”
मैंने ग्लास से एक आइस क्यूब निकाला, पहले उसके निप्पल्स पर फिराया, ठंडक से रश्मिका सिहर उठी, “ओह्ह, ठंडा, जलन, उफ्फ़”। फिर आइस को उसकी क्लिट पर रगड़ा। वो तड़प उठी, कमर ऊपर को उठ गई, “स्सी, ठंडा, मेरी चूत पर बर्फ, पिघल रही है, आह इह्ह”। फिर मैंने गर्म जीभ से चाटा, ठंडक और गर्मी का कंट्रास्ट।
लड़के ने भी शामिल हो गया। हम बारी-बारी से, कभी एक साथ, कभी आइस फिर जीभ, रश्मिका की चूत को लार, रस और पिघली बर्फ से तर कर रहे थे। रश्मिका पागल हो रही थी, अपनी चूत हमारे मुँह पर रगड़ते हुए बोली, “दो जीभें, मेरी चूत पर नाच रही हैं.
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अनजान होकर भी क्लिट ऐसे चूस रहे हो जैसे रोज रंडियाँ चाटते हो, देख अमृत, तेरी गर्लफ्रेंड तेरे सामने अनजान की जीभ से तड़प रही है, मम्मी-पापा सोचते होंगे उनकी बेटी घर पर है, और यहाँ होटल में दो मुँह चटवा रही हूँ, आह्ह, ओह्ह, इह्ह, झड़ रही हूँ”। वो झड़ गई, उसका रस हमारे मुँह पर छिटक गया।
लंड बाहर आए। रश्मिका घुटनों पर बैठ गई, दोनों चूसने लगी, गले तक लेते हुए, लार टपकाते हुए, आँखें ऊपर देखकर, ग्ग्ग्ग, ग्ग्ग्ग, गी गी गी, गों गों गोग। “तेरा जवान लंड, कितना कड़ा, नसें फटी हुईं, मम्म, दोनों एक साथ मुंह में नहीं आ रहे”। लड़का कराह रहा था, “रश्मिका, तुम्हारी जीभ, कमाल है”। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
लड़के ने रश्मिका को बेड पर लिटाया, चूत में डाला। रश्मिका चीखी, “आआह्ह, कितना मोटा, पेल, जोर से, ओह्ह ह्ह्ह इह्ह”। लड़के ने तेज ठोकना शुरू किया, चप-चप तेज। मैं मुंह में। रश्मिका को लगा कि बस यही होगा। फिर मैं नीचे लेट गया, रश्मिका मेरे ऊपर आई, उसकी गर्म, गीली चूत ने मेरे लंड को धीरे-धीरे निगला।
वो खुद नीचे बैठी, कराहते हुए, “आह्ह, अमृत, तेरा लंड हमेशा इतना परफेक्ट, ऊऊ ऊइ”। लड़का पीछे से आया, पहले उसने रश्मिका की गांड पर जीभ फेरी, गीला किया, लार से तर। रश्मिका सिहर उठी, “उफ्फ़, गांड चाट रहे हो, गंदे हो तुम”। फिर उसने दो उँगलियाँ डालीं, घुमाई। “Threesome Sex Fantasy Kahani”
रश्मिका की कमर अपने आप आगे-पीछे होने लगी, “हाय, क्या कर रहे हो, बस चूत में ही”। लेकिन लड़के ने अपना मोटा लंड गांड पर रखा, सिर्फ़ टिप अंदर की। रश्मिका चौंक गई, उसकी आँखें फैल गईं, शरीर काँप उठा, “अरे नहीं, गांड में भी, सरप्राइज, आह्ह, धीरे, तेरा मोटा लंड गांड में घुस रहा है, अमृत, तूने प्लान किया था ना, हरामी, आअह्ह्ह्ह्ह”।
लड़के ने धीरे-धीरे पूरा डाला। अब दोनों लंड एक साथ थे। रश्मिका की आँखें नम हो गईं, मुँह से सिर्फ़ सिसकारियाँ, शरीर पसीने से तर, “आआह्ह, बहुत भरी हुई हूँ, दोनों तरफ लंड, जल रही हूँ, मेरी चूत और गांड फट रही हैं, पर, अच्छा, रुको मत, ह्ह्ह ओह्ह ओह”। हमने हल्के धक्के शुरू किए, फिर स्पीड बढ़ाई।
मिरर में रश्मिका खुद को देख रही थी, बाल बिखरे, मुँह खुला, पसीना टपकता, दो लंड अंदर-बाहर। वो और पागल हो गई, “मिरर में देखो, कितनी फूहड़ लग रही हूँ, मैं खुद को पहचान नहीं पा रही, दोनों लंड अंदर, मादरचोद, दोनों हरामी मिलकर मेरी इज्जत लूट लो, मेरी अच्छी वाली इज्जत आज खत्म कर दो, मैं तुम दोनों की सस्ती रंडी हूँ, पेलो जोर से, आह ह ह ह ह्हीईई आअह्ह्ह्ह्ह”।
रश्मिका कई बार झड़ी, उसकी चूत और गांड सिकुड़कर हमें निचोड़ती रहीं, उसका रस बह रहा था, बेड गीला हो गया। हम भी झड़े। पूरी रात पाँच राउंड चले, हर बार डबल पेनिट्रेशन, अलग-अलग पोजीशन में, कभी रश्मिका ऊपर, कभी डॉगी में दोनों तरफ से। सुबह रश्मिका थकी लेकिन मुस्कुराती हुई, शरीर अभी काँपता हुआ, मेरे सीने से लिपटकर बोली, “ये सरप्राइज, कमाल था, दर्द भी मजा था, अब मैं इसके बिना नहीं रह सकती”। मैंने उसके होंठ चूसकर कहा, “हर बार नया सरप्राइज मिलेगा, मेरी डबल पेनिट्रेशन की रंडी”।
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