xnxx दोस्त की बहन को घोड़ी बनाकर पेला
sex story दोस्त की बहन को घोड़ी बनाकर पेला
Flat sex story: मेरा नाम रंजन है। मैं एक छोटी सी प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूं। रोज सुबह जल्दी उठकर बस पकड़ने की भागदौड़, छोटे से केबिन में घंटों काम, लेकिन इस नौकरी से मुझे अपने परिवार का खर्च चलाने में मदद मिलती है। और मेरे घर में मेरे पापा, मम्मी और एक बहन और मैं रहता हूं। हमारा छोटा सा परिवार जिसमें प्यार और स्नेह की कोई कमी नहीं है।
कहानी में आगे बढ़ने से पहले बता दूं कि मैं 28 साल का हूं और मैं देखने में भी सीधा-सादा लड़का लगता हूं और सच्चे में भी हूं। मेरा चेहरा साधारण सा है, बाल छोटे कटे हुए, न कोई दाढ़ी, न कोई फैशनेबल कपड़े, बस साफ-सुथरा और ईमानदार दिखने वाला युवक।
कहानी दरअसल मेरी एक बचपन की दोस्त जिसका नाम है रवि और उसकी एक बहन है नाम श्रेया। श्रेया मेरी फेसबुक में फ्रेंड थी और उससे मेरी काफी बातें होती थीं पर यूँ ही बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड वाली कोई बातें नहीं होती थीं। वो मेरी शायरी से बड़ी ही प्रभावित थी। मेरी हर नई शायरी पर वो तुरंत कमेंट करती और कहती कि यह कितनी सुंदर है।
होने को तो श्रेया मुझसे चार वर्ष छोटी थी लेकिन वो अब कॉलेज में थी और दिखने में इतनी ब्यूटीफुल कि कोई भी श्रेया पर मर मिटे। उसके लंबे काले घने बाल जो अक्सर खुलकर लहराते, बड़ी-बड़ी कजरारी आंखें, पतली नाक, गुलाबी और मोटे होंठ, गोरा चमकदार रंग और खूबसूरत शरीर की आकर्षक आकृति जिसकी वजह से कॉलेज के हर लड़के की नजर उस पर टिक जाती थी। लेकिन श्रेया तो मुझ पर मर मिटी थी। दरअसल वो स्कूल टाइम से ही मेरी फेसबुक फ्रेंड बन गई थी और मेरे लिखे शेर और शायरी उसको काफी पसंद आते थे और जाने कब श्रेया के दिल में मैं घर कर गया।
मुझे भी इसका मालूम तब चला जब श्रेया के घर में मेरी बात हो रही थी और रवि ने बताया कि मेरे लिए एक लड़की का रिश्ता आया है। श्रेया ने मुझे फेसबुक पर मैसेज करके कहा आप शादी कर रहे हो। तो मैंने भी मजाक में कह दिया तुम कहो तो ना करूं। उसका जवाब आया मैं कह रही हूं प्लीज मत करो ना। उस मैसेज को पढ़कर मेरे दिल में एक अजीब सी हलचल मच गई थी।
हालांकि मुझे ये सब रवि को बता देना चाहिए था लेकिन जितनी उनकी फैमिली नामचीन और रईस थी उतनी ही पुराने ख्यालों की भी थी सो कहीं श्रेया को कोई शर्मिंदगी ना उठानी पड़े इसलिए मैं चुप रहा।
अगले ही दिन श्रेया का कॉल आया और वो बोली रंजन मैं तुमसे मिलना चाहती हूं। मैं हैरान क्योंकि जिस लड़की ने मुझे आप से नीचे नहीं पुकारा वो आज मेरा नाम ले रही थी और तू तड़ाके से बात कर रही थी। उसकी आवाज में उत्साह, बेचैनी और एक अनोखा आकर्षण था जो मुझे हैरान कर रहा था। मैंने कहा श्रेया तू भूल रही है तू किससे बात कर रही है। तो श्रेया ने कहा मैं जानती हूं तुम मेरी जान हो और मेरे ही रहोगे और हां चुपचाप मिलने आजाना और मेरे घर वालों या किसी को भी कुछ मत बताना।
मैं थोड़ी देर सोचता रहा और मैंने श्रेया को फोन करके कहा तेरे कॉलेज के बाहर हूं आजा। श्रेया आई और उसने मुझे अपनी बाइक वहीं पार्क करने को कहा और मुझे अपनी कार में बिठा कर ले गई। वो हाईवे पर जा रही थी और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। कार के अंदर उसकी हल्की मीठी परफ्यूम की मादक खुशबू चारों तरफ फैली हुई थी जो मेरे दिमाग को मोह रही थी। उसकी उंगलियां स्टीयरिंग पर और बीच-बीच में वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा रही थी। मैंने कहा श्रेया कहां जा रहे हो तो बोली बैठे रहो आज हम अकेले हैं और खुश हैं फिर उसने एक पुराना सा ग़ज़ल लगा दी जो मेरी भी फेवरेट थी। गाने की मद्धम और रोमांचक धुन कार के अंदर एक खास माहौल बना रही थी और श्रेया की सांसों की तेज आवाज उस माहौल को और गहरा बना रही थी।
श्रेया ने नई गाड़ी को कच्चे रास्ते में उतार दिया जहां उसके पापा नए फ्लैट्स बना रहे थे। वहां पहुंचकर उसने चौकीदार को गाड़ी की चाबी दी और कहा सैंपल वाला फ्लैट रेडी है साहब को दिखाना है। चौकीदार ने मुस्कुराकर दरवाजा खोल दिया और श्रेया मुझे सैंपल फ्लैट में ले गई। ये फ्लैट पूरी तरह साफ सुथरा सजा धजा था और हर सामान ऐसे खूबसूरती से लगा हुआ था जैसे यहां आकर बस रहना शुरू कर दो। हवा में नई पेंट, लकड़ी और ताजे फर्नीचर की हल्की सुखद गंध फैली हुई थी।
श्रेया ने मुझे ड्राइंग रूम में बिठाया और बात शुरू की देखो रंजन मैं बचपन से सिर्फ तुम्ही से प्यार करती हूं और तुम्हारे बिना मर जाऊंगी। उसकी आंखें नम थीं, गालों पर लालिमा छाई हुई थी और उसकी आवाज कांप रही थी। मैंने समझाया पर उसने मेरी एक न सुनी और मुझ पर कूद पड़ी। वह अचानक मेरे सामने से उठी, तेजी से मेरी तरफ बढ़ी और अपने दोनों हाथों से मेरे गले को जकड़ लिया। उसके भरे हुए, नरम और गर्म स्तन मेरी छाती से पूरी ताकत से दब गए। मैं उसकी गरम सांसों को अपने चेहरे पर महसूस कर रहा था। उसके गुलाबी होंठ मेरे होंठों से सिर्फ एक इंच की दूरी पर थे। उसकी शरीर की नाजुक गरमाहट, स्त्री-सुलभ मादक खुशबू और उसकी उत्तेजित सांसों की गति ने मेरे पूरे शरीर में बिजली सी दौड़ा दी। उसके नरम हाथ मेरी पीठ पर फिसल रहे थे। मैंने उसे हटाने की कोशिश भी की लेकिन श्रेया की खुशबू और उसके जिस्म की छुअन से मैं पगला गया था और उसका साथ देने लगा।
श्रेया मुझे ड्राइंग रूम से बेडरूम में ले गई और बोली आज मैं तुम्हें अपना बना कर ही मानूंगी और तुम उस चुड़ैल की बच्ची को भूल जाओगे। बेडरूम का दरवाजा खुलते ही उसने मुझे अंदर खींच लिया और तेजी से दरवाजा बंद कर दिया। कमरे में हल्की रोशनी का माहौल था और बेड पर नरम गद्दा तथा साफ चादर बिछी हुई थी। श्रेया की सांसें तेज हो चुकी थीं और उसकी आंखों में गहरी चाहत और जुनून चमक रहा था।
बेडरूम में जाकर श्रेया और वाइल्ड हो गई और उसने मेरे शरीर को ऐसे चूमना शुरू किया जैसे मैं कोई स्वर्ग से उतरा हूं। उसने पहले मेरे गालों पर गर्म गर्म चुंबन दिए फिर मेरी गर्दन को चाटते हुए हल्का निचोड़ने लगी। उसकी नरम और गीली जीभ मेरी त्वचा पर घूम रही थी जिससे मेरे शरीर में रोमांच की लहर दौड़ गई। वह मेरी छाती पर उतरी और मेरे निप्पल को मुंह में लेकर चूसने लगी। उसके हाथ मेरी कमर पर फिसल रहे थे और वह धीरे धीरे नीचे की तरफ जा रही थी।
मैं भी श्रेया की रौ में बह गया और उसके कपड़े उतारने लगा। उसका वो दूधिया जिस्म वो कमाल की मुस्कान और वो सेक्सी आवाज जो तभी निकलती थी जब वो मूड में होती थी सब कितना मदहोश कर देने वाला था। मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और धीरे से उसे नीचे सरका दिया। फिर उसकी कुर्ती उतारी तो सामने आया उसका गोरा और भरा हुआ शरीर। उसके बड़े बड़े स्तन ब्रा में कैद थे जो उत्तेजना से ऊपर नीचे हिल रहे थे। उसकी पतली कमर और चौड़े कूल्हे देखकर मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था।
श्रेया के कपड़े उतरने के बाद उसका चांद जैसा बदन मेरे आगोश में था और वो हुस्न की मलिका मेरे जिस्म से खेलने को आतुर थी। मैंने श्रेया के गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होंठों को चूमा और खूब चूसा और श्रेया भी मेरे होंठों और जीभ को चूस रही थी। उसका ये सेक्सी रूप देखने लायक था। हमारे होंठ एक दूसरे में गहरे धंस गए थे। उसकी जीभ मेरी जीभ से लड़ रही थी और हम दोनों के मुंह से सिसकारी और भारी सांसों की आवाजें निकल रही थीं।
मुझे काफी मजा आ रहा था। मैं उसके बोबे दबा रहा था और होंठ चूस रहा था। उसके नरम और भारी स्तनों को दोनों हाथों से मसल रहा था। मेरी उंगलियां उसके गुलाबी निप्पल को पकड़कर खींच रही थीं जिससे वह तड़प उठती थी। फिर वो बोली साले केवल चूसेगा ही या खायेगा भी। मैं बोला साली बड़ी जल्दी है तुझे चल घोड़ी बन जा जल्दी कर। मुझे तो तुझसे ज्यादा जल्दी है श्रेया तूने मुझे पहले बताया होता। वो बोली अच्छा ऐसी बात है तो लो और वो घोड़ी बन गई मैं उसे पेलने लगा।
वो बोली थोड़ा तेज नहीं चोद सकता और मैंने झटके तेज कर दिए और उसे चोदने लगा। थोड़ा धीरे उई माँ मर गई साले थोड़ा धीरे। मैंने कहा अब पता चला साली तेरी गांड का तो आज मैं बुरा हाल बना कर छोड़ूंगा। वो भी कहने लगी हां कुत्ते और मेरा साथ देने लगी। मैं उसकी चूत जोर जोर से चोदने लगा। अब वो मजे से चुदने लगी।
अब बारी उसकी पैंटी के उतरने की थी। पहले तो मैंने उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को चूमा और उसके बाद एक ही झटके में उसकी पैंटी को उतार दिया। क्या मस्त चूत थी उसकी एकदम गुलाबी और उस पर हलके हलके रोएं। मैंने उसकी मखमली चूत को चाटना शुरू किया। वो मजे में झूम रही थी। उसके मुंह से मादक आवाजें सिसकारियां निकल रही थीं। ये सिसकारियां मुझे और भी ज्यादा पागल बना रही थीं और मुझ में जोश भर रही थीं। इन सब के बीच श्रेया आज पहली बार कुछ बोल रही थी।
श्रेया रंजन मेरी जान और जोर से अहहाह अहह अह ऊऊओ मर गई और जोर से करो ना अह अह अहहाह ओअओअओअ अओअओअओअ होहोहोहोह ओह्ह्होहोहोहो।
फिर मैं अपने लंड को उसकी चूत पर सहलाने लगा और अचानक मैंने एक जोर से झटका दिया। मेरा आधा लंड एकदम से उसकी चूत में चला गया और वो चीख पड़ी। मैंने एकदम से अपने होंठों को उसके होंठों पर रख दिया और उसकी चीख को बीच में ही दबा दिया। उसकी चूत फट गई थी और पूरा बेड खून से भर गया था। उसे काफी दर्द हो रहा था। मैं थोड़ा रुक गया। जब उसका दर्द कुछ कम हुआ तो मैंने धीरे धीरे अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया। अब वो भी मजे लेकर चुदवा रही थी। हम दोनों ने बहुत लंबी चुदाई की और मैं उसकी चूत में ही झड़ गया। उस दिन हमने तीन बार चुदाई की।
एक घंटे से ऊपर उसे चोदता रहा। मैंने उसे अलग अलग ढंग से चोदा। पहले मैंने उसे मिशनरी पोजीशन में लिटाकर उसके दोनों पैर अपने कंधों पर रखे और गहरे गहरे झटके दिए जिससे उसकी चूत पूरी तरह मेरे लंड से भर जाती थी। हर थ्रस्ट पर उसके बड़े भरे स्तन तेजी से ऊपर नीचे उछल रहे थे और उसकी आंखें आनंद से बंद हो रही थीं। फिर मैंने उसे घोड़ी बनाकर पीछे से पेला जहां उसके गोल मोटे नितंब मेरे पेट से टकरा रहे थे। मैंने उसके बाल खींचे और उसके कूल्हों को जोर जोर से थप्पड़ मारते हुए तेज तेज झटके दिए जिससे कमरे में चुटकी की आवाज के साथ उसकी सिसकारियां गूंजने लगीं। उसके बाद श्रेया ने खुद मेरे ऊपर आकर काउगर्ल स्टाइल में मेरे लंड पर सवार होकर अपनी कमर को तेजी से ऊपर नीचे किया। उसके पसीने से तर बदन चमक रहा था और उसकी गीली चूत से लगातार रस निकलकर मेरे लंड और अंडकोश को चिकना और गर्म बना रहा था। हमने स्पूनिंग पोजीशन में भी काफी देर तक चोदा जहां मैं उसके पीछे लेटा था और उसकी गर्दन चूमता हुआ धीरे धीरे लेकिन गहरे झटके दे रहा था। उसकी सांसें भारी हो चुकी थीं और उसका पूरा शरीर मेरे साथ कंपकंपा रहा था।
20-25 मिनट बाद जब मेरी छूट होने को आई तो मैंने लंड बाहर कर उसके मुंह पर पिचकारी मारी और उसने मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और सारा वीर्य चाट गई। गाढ़ा गर्म वीर्य उसके गालों पर उसके होंठों पर और जीभ पर फैल गया। श्रेया ने आंखें बंद करके लंड को पूरी तरह मुंह में ले लिया और हर बूंद को चूस चूस कर पी गई। उसके गले की हरकत साफ दिख रही थी और वह मुस्कुराते हुए मेरी तरफ देख रही थी।
फिर मैं उससे चिपक गया। हम दोनों एक दूसरे के साथ देर तक चिपके रहे। इतने में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और मैंने कहा श्रेया एक बार और हो जाए।
वो बोली हां हां क्यों नहीं नेकी और पूछ पूछ आजा मेरे राजा फाड़ दे अपनी श्रेया की चूत।
उस दिन मैंने श्रेया को पांच बार चोदा नए नए स्टाइल में। और उसके बाद हमारे बीच सिलसिला चल पड़ा। उसे जब भी मौका मिलता वो मेरे घर आ जाती या फिर मुझे मौका मिलता तो मैं उसके घर।
पर हम दोनों इसी तरह मिलते रहे छह महीने तक पर उसका बाप उसकी शादी दूसरे जगह फिक्स कर दिया। उसने भी दबाव में आकर मान गया पर शादी के एक साल बाद फिर मुझसे मिली और हम दोनों जिस काम को अधूरा छोड़ गए थे उसे पूरा करने लगे।
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