xnxx Mast Sex Story – नौकरानी को चोदते पकड़ा भाभी ने फिर खुद चुदी
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Mast Sex Story
यह उन दिनों की बात है जब मैं 3 साल के लिए दुबई गया हुआ था। मुझे मेरे बड़े भाई के दोस्त ने अपने स्टोर पर काम करने के लिए बुलाया था और अपने ही घर में मुझे एक रूम भी दिया हुआ था। जिनका नाम था अरुण (नॉट रियल नेम) तक़रीबन 35 उम्र होगी। वो अपनी बीवी और एक नौकरानी के साथ रहते थे। Mast Sex Story
बीवी का नाम सोनिया और नौकरानी का सिमरन (नॉट रियल नेम)। रियल नेम मुझे मेरे दोस्त अशोक बताने से मना किया था जिसके लिए सॉरी तो दोस्तों। जब मैं काम से रात 10-11 बजे घर पहुँचता तो उनकी नौकरानी सिमरन मुझे खाना देती। उनके घर में सिर्फ़ एक ही नौकरानी थी जो कि मेरी तरह उनके साथ काम करती थी।
सिमरन के पेरेंट्स इंडिया में भी उनके घर में काफी अरसे से काम कर रहे हैं इसलिए उसके घर वालों ने उसे उनके साथ दुबई भेज दिया था काम के लिए। सिमरन बहुत ही ख़ूबसूरत लाइक लुकिंग वेरी सेक्सी गर्ल थी 18 साल की नौजवान। आप समझ गए होंगे कि उसे देखते ही मेरा सेक्स का पारा चढ़ जाता था और वो भी मेरी कैफ़ियत अच्छी तरह समझ जाती थी पर न तो वो कुछ कहती न मैं उससे कुछ कहता।
शायद हम दोनों को इस बात की फ़िक्र थी कि अगर अरुण भाई या सोनिया भाभी को पता चल गया तो क्या सोचेंगे। बस इसी वजह से हम दोनों एक दूसरे को देख-देखकर जलते रहते। एक दिन रात कोई 2 बजे का वक़्त था मुझे प्यास लगी तो मैं उठा और किचन में पानी पीने चला गया।
मेरे रूम और किचन में टीवी लॉन्च आता था जहाँ सिमरन सोती थी। मैं जब किचन जा रहा था तो मेरी नज़र सिमरन पर पड़ी जो गहरी नींद में थी। इसी वजह से उसे अपनी हालत का होश नहीं था। सिमरन सीधी लेटी हुई थी और उसकी कमीज ऊपर को उठी हुई थी जिस वजह से उसका सॉवला पेट मुझे नज़र आ रहा था।
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मैं वहीं खड़े-खड़े उसके पेट और उसके बदन को घूर रहा था। मेरा गला भी सूख चुका था पर मुझे प्यास का अहसास नहीं हो रहा था। मेरा लंड फुल जोश में आ चुका था। मुझे कुछ सूझ नहीं रहा था कि क्या करूँ। मैं आराम से सिमरन के पास पहुँचा और उसकी कमीज को पेट से ऊपर उठाया तो उसके बूब्स पिंक रंग के ब्रा में मेरे सामने थे लेकिन मेरी नज़र ज़्यादा सिमरन की आँखों की तरफ़ थीं कि कहीं वो जाग तो नहीं रही।
मैंने अब आहिस्ता-आहिस्ता सिमरन के बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही सहलाना शुरू किया तो मुझे मज़ा आने लगा। मैं अब उसकी आँखों को देख रहा था और उसके बूब्स को सहला रहा था। मेरा लंड अब झटके मार रहा था। मैंने एक हाथ से अपना लंड सहलाना भी शुरू कर दिया लेकिन आज मुझे अपना लंड सहलाने में भी बड़ा मज़ा मिल रहा था। शायद उसकी एक वजह ये थी कि मेरे दूसरे हाथ में सिमरन का बूब था।
अब मैंने आहिस्ता से झुककर सिमरन के होंठों को चूमना शुरू किया साथ-साथ मैं उसके बूब्स को भी सहला रहा था। जब मैंने देखा कि उसके होंठ चूमने से भी वो नहीं जागी तो मैंने उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया। साथ-साथ मैं मुसलसल उसके बूब्स भी सहला रहा था।
अब मुझे उसकी बॉडी में कुछ हलचल महसूस हुई तो मैंने अब आहिस्ता-आहिस्ता अपना काम जारी रखा लेकिन अब मुझे अहसास हो रहा था कि सिमरन अब पूरी तरह जाग चुकी है और सोने का नाटक कर रही है। मैं इस बात को महसूस कर के और भी ख़ुश हो गया क्योंकि अब मुझे अपनी मंज़िल का रास्ता नज़र आ रहा था।
अब मैंने उसके होंठों को तेज़ी से चूसना शुरू कर दिया पर उसकी तरफ़ से मुझे कोई रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा था तो मैंने उसके मुँह में अपनी ज़बान डाल दी और उसके होंठों को चूसने लगा। साथ ही मेरा हाथ अब उसके बूब्स पर से होता हुआ उसके पेट-पेट से आहिस्ता-आहिस्ता उसकी चूत से ज़रा ऊपर उसके बालों को सहलाने लगा तो उसने मेरी ज़बान को अपने होंठों में दबा लिया।
मैं समझ गया कि वो भी अब तैयार हो चुकी है। अब मैंने जल्दी से उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया तो वो मचलने लगी। मैंने उसका एक हाथ पकड़कर अपने लंड पर रखा तो पहले तो उसने कुछ न किया तो मैंने उसके हाथ की मुट्ठी अपने लंड पर बनाई और उसका हाथ पकड़कर अपने लंड को मसलने लगा।
कुछ देर बाद मैंने अपना हाथ हटाया तो उसने फिर भी कुछ न किया तो मैंने उसके बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही चूसना शुरू कर दिया और एक हाथ से उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया। अब उसने भी मेरा लंड आहिस्ता-आहिस्ता सहलाना शुरू कर दिया तो मेरी ख़ुशी की इंतिहा न रही।
मैंने उसके होंठों को एक किस किया और उससे आहिस्ता से कहा सिमरन मुझे प्यास लगी है ज़रा मुझे पानी तो पिला दो। ये कहकर मैं अपने रूम में चला गया और उसके आने का इंतज़ार करने लगा। कुछ ही देर में सिमरन पानी की बोतल और गिलास लेकर मेरे रूम में आ गई। उसकी आँखें झुकी हुई थीं।
मैंने उससे कहा पानी तो उसने मुझे पानी पिला दिया। पानी पिलाने के बाद जब वो वापस जाने के लिए मुड़ी तो मैंने उसका हाथ पकड़कर अपने साथ बिठा दिया। वो अब भी मुझसे आँखें नहीं मिला पा रही थी। मैंने उसके चेहरे को अपने हाथों में भरकर ऊपर उठाया और उसकी आँखों में देखने लगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
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वो बहुत शरमा रही थी तो मैंने उसके होंठों पर एक किस की और उससे कहा क्या तुम नहीं चाहतीं कि जो हम बाहर कर रहे थे वो यहाँ आराम से करें ताकि किसी को पता भी न चले। तो उसने कहा अगर किसी को पता चल गया तो ग़ज़ब हो जाएगा मुझे जाने दो। ये कहकर वो जैसे ही उठने लगी मैंने उसे अपनी बाँहों में भर लिया और उसके होंठों को चूसने लगा।
वो कुछ भी न कर पाई और मैं उसके होंठों को चूमता रहा और एक हाथ से उसके बूब्स को सहलाने लगा। अब जो आग ठंडी होने जा रही थी मैंने उसे फिर से हवा दे दी तो उसने भी मेरा साथ देना शुरू कर दिया। मैंने उसका हाथ पकड़कर अपने लंड पर रखा इस बार मुझे कुछ न करना पड़ा वो ख़ुद ही मेरे लंड को सहलाने लगी।
अब मैंने रास्ता साफ़ देखकर उसकी कमीज को ऊपर को उठाया और उसके गले से निकाल दिया। अब उसके बूब्स ब्रा में कैद मेरे सामने थे। मैंने ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया और वो सिसकारियाँ भरने लगी। इस बार उसकी सिसकारी सुनकर मैं और भी जोश में आ गया था और मैंने फौरन उसके ब्रा का हुक खोल दिया तो उसके बूब्स उछलकर मेरे सामने आ गए।
मैं उसके बूब्स को हैरत से देखने लगा क्योंकि मेरी तवक़्क़ो से भी ज़्यादा बड़े बूब्स थे। सिमरन मेरी ये फीलिंग देखकर सिमरन ने मुझसे कहा क्यों क्या देख रहे हो। मैं उसकी ये बात सुनकर मुस्कुरा दिया। इस बार मैं उसके नंगे बूब्स को बराहे रास्त मसलने लगा तो उसने भी मेरे लंड को तेज़ी से मसलना शुरू कर दिया।
अब मैं उसके बूब्स के ब्राउन निप्पल पर एक किस किया और साथ ही उसके बूब्स को चाटने लगा। उसके मेरे चाटने से उसके मुँह से आह्ह्ह्ह की आवाज़ निकल गई और वो अपनी ज़बान को अपने होंठों पर फेरने लगी। अब मैं भी बच्चों की तरह उसके बूब्स को चाट रहा था पर मैंने उसके एक बूब के नीचे हथेली से उठाया
और उसके बूब के नीचे के जोर पर अपनी ज़बान फेरी तो वो जैसे पागल हो गई। अब वो और भी भारी आवाज़ में आह्ह्ह्ह की आवाज़ निकालने लगी और साथ ही मेरे लंड को ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगी। मैं अब उसके बूब को चूसने लगा था। मैं कभी उसके एक बूब को मुँह में लेता और उसे चूसने लगता तो कभी उसके दूसरे बूब को और वो मेरे लंड को छोड़कर मेरे बालों में उँगलियों से कंघी करने लगी।
मुझे बहुत मज़ा आ रहा था वो भी मज़े में हम्म की आवाज़ें निकाल रही थी। अब मैंने उससे अपने बेड पर लिटा दिया और उसकी शलवार का नाड़ा खोलने लगा। मैं जल्दी में था इसलिए मुझसे उसके नाड़े में गाँठ लग गई। उसने मुझे मुस्कुराकर कहा कर दिया अपना काम हटो मैं ख़ुद खोलती हूँ।
और वो उठकर बेड पर बैठ गई और अपना नाड़ा खोलने लगी। जब वो अपना नाड़ा खोल रही थी तो उसके बूब्स उसके पेट में दब गए। इस दौरान मैंने अपनी बनियान उतारी। मैं रात को सिर्फ़ बनियान और शलवार पहनता था। जब मैंने अपनी बनियान उतारी तो वो अपनी शलवार उतार चुकी थी।
मैंने उसकी चूत की तरफ़ देखा और अपने होंठों पर ज़बान फेरी तो वो मुस्कुरा दी। उसके बाद मैंने अपनी शलवार उतारने लगा तो उसने मेरे हाथ पकड़ लिए और कहा रहने दो मैं उतार देती हूँ। मैं एक बार देख चुकी हूँ कि तुम कैसे नाड़ा खोलते हो। मैंने अपने हाथ हटा दिए तो उसने मेरा नाड़ा खोला तो मेरी शलवार मेरी टांगों में गिर गई।
अब मेरा लंड उसके सामने था। मैंने अपनी शलवार टांगों से निकालकर साइड पर फेंक दी तो उसने मेरा लंड को अपने हाथ में पकड़कर सहलाना शुरू कर दिया। मैंने उससे कहा सिमरन अब ज़रा इसे चूसो तो उसने कहा नहीं ये गंदा होता है। मैंने कहा किसने कहा ये बिल्कुल भी गंदा नहीं होता तो जब इसे चूसोगी तो तुम्हें इतना मज़ा आएगा कि तुम्हारा दिल करेगा कि बस इसे ही चूसती रहो।
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तब उसने मेरे लंड के टॉप को चूसना शुरू कर दिया। वो मेरे लंड का सिर्फ़ टॉप ही चूस रही थी तो मैंने उसके सिर को पकड़कर अपना लंड उसके मुँह में घुसा दिया और ख़ुद ही उसके मुँह को चोदने लगा तो उसने मेरे लंड को पूरा चूसना शुरू कर दिया।
कुछ देर बाद मैंने उसे 69 पोज़िशन में किया और मैं साथ-साथ उसकी चूत को चूसने लगा। अब उसे और भी मज़ा आने लगा और वो मेरे लंड को तेज़ी से अपने मुँह में लेने लगी। जब वो मेरे लंड को मुँह में ले जाती तो अपने होंठों को बंद करती और जब वापस निकालती तो अपने होंठों को थोड़ा सा खोल देती।
उसके ऐसा करने से मैं भी पूरे जोश में आ गया और छूटने लगा था तो मैंने उसकी चूत में अपनी ज़बान अंदर-बाहर करना शुरू कर दी जिससे वो भी मज़े में आ गई और आह्ह्ह की आवाज़ें निकालने लगी। कुछ देर बाद उसकी चूत ने पानी उगल दिया जो मैंने सारा चाट लिया। अब मेरा भी टाइम हो गया था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैं उसके ऊपर 69 पोज़िशन में था और वो मेरे नीचे थी। अब मैंने भी उसके मुँह में अपना पानी छोड़ दिया और अपना लंड उसके हलक तक डाल दिया जिसकी वजह से उसे भी मेरा सारा पानी पीना पड़ा। अब हम दोनों छूट चुके थे। मैं उसके ऊपर से हट गया और उसके बराबर में लेट गया और उसे फिर से प्यार करने लगा।
अब वो भी मुझे खुलकर प्यार कर रही थी। मेरी किशिंग के जवाब में अपने होंठों को मेरे होंठों में दबाए हुए थी और मेरी ज़बान को अपने मुँह में लेकर चूस भी रही थी। फिर उसने मेरे बिना कहे ही मेरे लंड को सहलाना शुरू कर दिया तो जवाब में मैंने भी उसके बूब्स को दबाना शुरू किया.
तो उससे फिर से जोश आने लगा और वो मेरे लंड को बड़े शानदार स्टाइल में सहला रही थी और अब मैं उसके बूब्स को चूस रहा था और एक उँगली उसकी चूत में आगे-पीछे कर रहा था। कुछ देर बाद मेरा लंड फिर से तैयार हो गया तो मैंने अपना लंड फिर से उसके मुँह में दे दिया।
इस बार वो बिना कुछ कहे मेरे लंड को चूसने लगी और मैं उसकी चूत को। मैं फिर से 69 पोज़िशन में थे। तक़रीबन कोई 5 से 7 मिनट में वो दोबारा छूट गई तो मैंने अपना लंड उसके मुँह से निकाला क्योंकि अब वक़्त आ गया उसकी चुदाई का। मैंने उसे उल्टा लेटने को कहा तो वो उल्टी हो गई।
अब उसका मुँह बेड की तरफ़ और गाँड मेरी तरफ़ थी। मैंने उसे उल्टा इसलिए लिटाया था कि मैं जानता था कि जब मैं अपना 7 इंच का लंड उसकी कुंवारी चूत में डालूँगा तो वो दर्द के मारे चिल्ला उठेगी तो कहीं कोई जाग न जाए इसलिए मैंने उसे उल्टा लिटा दिया और उसकी नाभि के नीचे एक तकिया रख दिया जिससे उसकी गाँड ऊपर को उठ गई थी।
मैं अब उसकी गाँड पर अपना लंड रगड़ने लगा तो वो जोश में आ गई। अब मैंने उसकी चूत पर अपने लंड का टॉप रखा और हल्के-हल्के दबाव डालना शुरू कर दिया। अभी सिर्फ़ मेरा लंड 1 इंच ही घुस पाया था कि उसने नीचे से मचलना शुरू कर दिया। मैंने फिर थोड़ा ज़ोर लगाया तो मेरा लंड 2 इंच उसकी चूत में घुस गया और साथ ही उसके मुँह से एक चीख निकल गई लेकिन चीख कुछ हल्की थी।
मैंने उसे उल्टा लिटाया ही इसी लिए था कि अगर उसकी चीख निकले तो बेड में दब जाए इसी वजह से उसकी चीख कुछ बुलंद न थी। मैंने उससे कहा चीखो मत कोई जाग जाएगा तो उसने कहा बहुत दर्द हो रहा है निकालो इसे। तो मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाल लिया।
अब मैंने उसे सीधा किया और उसे फिर से प्यार करने लगा। सिमरन मुझसे बोली तारिक बहुत दर्द हो रहा है। मैंने कहा कुछ नहीं होगा तो वो बोली क्या फिर से करोगे। मैंने कहा हाँ लेकिन इस बार बहुत ही आराम से तो वो मुझसे बोली प्लीज़ आज रहने दो फिर कभी।
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मैंने कहा अरे यार मैंने कहा न कुछ नहीं होगा शुरू-शुरू में थोड़ा दर्द होता है बाद में बहुत मज़ा आता है। ये कहकर मैंने उसकी गाँड के नीचे एक तकिया रखा जिससे उसकी चूत ऊपर को उठ गई और उसकी चूत का सूराख कुछ-कुछ नज़र आने लगा। मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखा।
अब मैंने आहिस्ता-आहिस्ता अपना लंड उसकी चूत में डालना शुरू कर दिया और उसके होंठों को अपने होंठों में ले लिया। मेरा लंड उसकी छोटी चूत में फँस गया था। मैंने अब थोड़ा ज़ोर दिया तो उसे फिर से दर्द होने लगा लेकिन उसने बर्दाश्त करने की कोशिश की। मेरा लंड जब उसकी चूत में 2 इंच चला गया तो उसे फिर से दर्द होने लगा और उसने नीचे से ख़ुद को छुड़ाने की कोशिश करना शुरू कर दी।
मैं भी अब जोश में था। मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में दबाए हुए एक ज़ोर का झटका मारा तो उसके मुँह से चीख निकल गई जो मेरे मुँह में दबकर रह गई। अब मेरा आधा लंड उसकी चूत में था। मैंने अपना आधा लंड उसकी चूत में अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया तो उसके आँसू निकलना शुरू हो गए।
अब मैंने साथ-साथ उसे किशिंग भी शुरू कर दी थी। जब मैं उसके होंठों को छोड़ता तो वो यही कहती तारिक दर्द हो रहा है। मैं फिर उसके होंठों को चूमना शुरू हो जाता। इस तरह करते-करते कुछ ही देर हुई थी और उसके आँसू भी बंद हो गए तो मैंने एक और ज़ोरदार झटका मारा तो उसकी फिर चीख निकल गई वो भी मेरे मुँह में दब गई।
अब वो ज़ोर-ज़ोर से रोने लगी पर मैंने अपना मुँह उसके मुँह से नहीं हटाया। जब वो रोती तो उसके बस बूब्स ही हिल पड़े थे बाक़ी उसकी आवाज़ नहीं निकल रही थी। मैं थोड़ी देर ऐसे ही रोक रहा फिर मैंने आहिस्ता-आहिस्ता हिलना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद वो ख़ामोश हो गई अब उसने रोना बंद कर दिया था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैंने उसके होंठों को छोड़ा और उसके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया। अब मैंने आहिस्ता-आहिस्ता अपनी स्पीड बढ़ाना शुरू कर दी। जब मैं अपनी स्पीड बढ़ाता तो वो फिर से मुझे रोकने को कहती तो रोकता तो नहीं पर अपनी स्पीड कुछ कम कर देता। कोई 15 मिनट बाद वो छूट गई अब उसकी चूत भी गीली हो गई थी और मुझे चोदने में भी कुछ आसानी हो गई.
और मैंने अपनी स्पीड भी बढ़ा दी और उसने भी मुझे मना नहीं किया और वो भी नीचे से हिलना शुरू कर दिया था। अब उसकी मद्धम-मद्धम आह्ह्ह ओओओह्ह जैसी सेक्सी आवाज़ें रूम में गूँजने लगी थीं। मैं भी पूरे जोश में झटके मार रहा था। 20 मिनट बाद वो फिर से छूटी तो उसके साथ मैं भी छूट गया था।
अब मैं उसके ऊपर लेटा था और हम दोनों तेज़-तेज़ साँसें ले रहे थे जैसे पता नहीं कितने दूर से भागकर आए हों। अभी हमारी साँसें सही से दुरुस्त भी नहीं हुई थीं कि भाभी की खिड़की से आवाज़ आई अगर आप लोगों का काम ख़त्म हो गया है तो ज़रा रूम का गेट तो खोलें। ये सुनकर हम दोनों एक दम से उछल पड़े।
अगर मैं सिमरन के ऊपर न होता तो शायद वो जंप मारकर खड़ी हो जाती। मैं और सिमरन एकदम से उठे और अपने-अपने कपड़े पहनने के लिए बढ़े तो भाभी ने कहा मैं कह रही हूँ पहले गेट खोलो। मैंने डरते-डरते फौरन गेट खोला तो भाभी अंदर आ गईं। मैं गेट के पीछे अपने लंड पर हाथ रखे खड़ा था जबकि सिमरन फौरन कपड़े पहनने की कोशिश कर रही थी।
भाभी ने आते ही सिमरन के हाथ से उसकी शलवार छीन ली और उससे गुस्से में कहा अपनी चूत की हालत को देख पहले जा अपनी चूत जाकर पानी से धो जा। सिमरन चुपचाप बाथरूम में चली गई तो भाभी ने मेरी तरफ़ देखकर कहा क्यों मियां तुम्हें अपना साफ़ नहीं करना क्या। मैंने उनसे कहा जी सिमरन बाहर आएगी तो मैं जाता हूँ।
इस पर भाभी ने मुझे आँखें देखाकर कहा अच्छा अभी तक उसकी बेचारी इतनी बुरी तरीके से चुदाई कर रहा था अब शरमा रहा है उससे और क्या मेरे सामने ऐसे ही खड़ा रहेगा। मैं बिना कुछ कहे बाथरूम में चला गया जहाँ सिमरन अपनी चूत पर पानी डाल रही थी। उसने मुझे देखते ही आराम से कहा अब क्या होगा तो पीछे से भाभी की आवाज़ आई ये मैं बताऊँगी तुम दोनों को कि अब क्या होगा।
मैं और सिमरन अपनी सफ़ाई करने के बाद बाहर आए तो मैं और सिमरन अपने सिर को झुकाए भाभी के सामने खड़े थे। भाभी ने सिमरन से कहा तो क्या अब मॉडलिंग करेगी चल कपड़े पहन। फिर मेरी तरफ़ देखकर कहा मिस्टर तुम भी तो। हम दोनों ने जल्दी से अपने-अपने कपड़े पहन लिए और भाभी सिमरन को साथ लेकर मेरे रूम से चली गईं.
और जाते हुए मुझसे कहा सो जाओ और एक बात सुन लो सुबह तुमने नोमन से कहना है तुम्हारी तबीयत ख़राब है इसलिए तुम आज उसके साथ नहीं जाओगे बाक़ी मैं संभाल लूँगी। मुझे सुबह तुम दोनों से कुछ बात करनी है। ये कहकर भाभी सिमरन के साथ बाहर चली गईं।
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अब मैं रात भर यही सोचता रहा सुबह भाभी ने पता नहीं क्या-क्या कहना है। इसी सेक्स का नशा तो उसी वक़्त ख़त्म हो गया था जब भाभी की आवाज़ सुनी थी। अब तो सिर्फ़ सुबह का इंतज़ार था। सुबह का सोचते-सोचते न जाने कब आँख लग गई। सुबह भाभी ख़ुद मुझे उठाने आईं और मुझे उठाते हुए उन्होंने कहा नाश्ता करने आ जाओ।
जाते हुए उन्होंने मुझसे कहा याद तो है न मैंने रात को क्या कहा था ज़रा बीमारों की तरह बाहर आना। मैं उठा और बाथरूम में चला गया। अब बाहर आकर मैं नाश्ता करने पहुँचा तो मैंने ज़रा एक्टिंग शुरू कर दी और ठीक से नाश्ता भी नहीं किया तो अरुण भाई ने कहा क्या बात है तारिक सही से नाश्ता क्यों नहीं कर रहे हो।
मैंने कहा कुछ नहीं बस ज़रा तबीयत ठीक नहीं है तो भाभी ने उठकर मेरे माथे पर हाथ रखा और नोमन भाई से कहा हाँ इसे तो बुख़ार हो रहा है तो नोमन भाई ने भाभी से कहा ऐसा करो तुम तारिक डॉक्टर के पास ले जाना और ऐसा घर पर ही आराम करने देना और आज खाना भी मत भिजवाना मैं आज बाहर से खा लूँगा।
मैं रोज़ाना घर से खाना ले जाया करता था इस वजह से अरुण भाई ने भाभी से कहा था कि खाना न भेजना ताकि मैं आराम कर सकूँ। नाश्ते के बाद अरुण भाई चले गए उनके जाने के बाद भाभी ने मुझसे कहा जी जनाब डॉक्टर के पास जाना है। मैंने कहा भाभी वो तो मैं आपके कहने पर इतना कहकर मैं चुप हो गया तो भाभी ने सिमरन से कहा काम ख़त्म करके मेरे रूम में आ जाना।
मुझे फिर मुझसे कहा चलो आओ। मैं उनके साथ उनके रूम में चला गया। मेरा दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था कि न जाने भाभी अब मुझे क्या-क्या कहेंगी। मैं जब भाभी के पीछे उनके रूम में पहुँचा तो भाभी ने बेड पर हाथ रखकर मुझे साथ बैठने को कहा। मैं उनके साथ बैठ गया तो वो मुझे घूरने लगीं। मैंने अपनी आँखें नीचे कर लीं. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
तो उन्होंने मुझसे कहा मैं तुम दोनों को कभी भी नहीं पकड़ पाती अगर तुमने ज़रा अक़्ल से काम लिया होता तो तुमने बहुत जल्दी की तुम ये भूल गए थे कि इस घर में दो शादीशुदा मर्द और औरत रहते हैं जो 12 बजे सोने जा रहे हैं तो कम-से-कम 2 या 3 बजे ही सोएँगे।
तुम अगर 3 बजे के बाद सिमरन के साथ कुछ करते तो शायद मैं तुम्हें न देख पाती लेकिन तुम्हें शायद बहुत जल्दी थी इसलिए मैंने तुम्हें देख लिया था। शुक्र करो तुम्हारे भाई ने नहीं देखा अगर वो देख लेते तो पता नहीं क्या करते। अब जब मैंने देखा है तो अब तुम्हें मुझे रिश्वत के तौर पर कुछ देना होगा।
मैंने कहा भाभी मेरे पास क्या है जो मैं आपको दूँ मैं तो ख़ुद आपका मुलाज़िम हूँ तो उन्होंने कहा है बहुत कुछ है तुम्हारे जो तुम मुझे दे सकते हो। मैंने कहा क्या तो वो बोलीं वही जो रात को तुम सिमरन को दे रहे थे। मैं एक दम से चौंक उठा।
मैंने कहा भाभी ये आप क्या कह रही हैं तो उन्होंने कहा सोच लो अब फ़ैसला तुम्हारे पास है या तो तुम मुझे कुछ करो या तुम्हारे भाई साहब तुम्हें कुचलेंगे। मैं बाथरूम जा रही हूँ अगर मेरे बाहर आने तक तुम यहाँ ही बैठे रहे तो ठीक वरना अपने अंजाम का ख़ुद सोच लो जब तुम्हारे और सिमरन के घर वालों को पता चलेगा तो क्या होगा। इतना कहकर भाभी बाथरूम में चली गईं।
अभी मैं सोच ही रहा था कि क्या करूँ सिमरन आ गई और मुझसे पूछा क्या हुआ क्या कहा भाभी ने बताओ। मैंने उसे सब बता दिया तो उसने मुझसे कहा अगर अपनी और मेरी इज़्ज़त चाहते हो तो जैसे भाभी कहती हैं करो। मैंने कहा ठीक है अब जैसे उनकी मर्ज़ी क्या भी किया जा सकता है।
अभी हम अभी यही बातें कर रहे थे कि भाभी बाथरूम से बाहर आ गईं और कहा हाँ तो क्या सोचा तुम दोनों ने। सिमरन ने फौरन भाभी तारिक को आपकी हर बात मंज़ूर है। भाभी ने कहा तो ठीक है। मैंने कहा भाभी आप भाई की बीवी हैं मुझे अच्छा नहीं लगेगा कि आपके साथ तो भाभी ने कहा सिमरन भी तो तुम्हारे भाई की छोटी बहन की तरह है तुम्हें उस वक़्त उनका ख़याल नहीं था जब मुझे पर बात आ गई तो भाई का ख़याल आ रहा है। मैं तुमसे आख़िरी बार पूछती हूँ तुम्हारा आख़िरी फ़ैसला है।
मैंने सिर झुका लिया और कहा जैसे आपकी मर्ज़ी। ये सुनते ही सिमरन रूम से बाहर जाने लगी तो भाभी ने कहा तुम कहाँ चलीं तुम भी यहाँ हमारे साथ रहोगी और ख़ुद बेड के किनारे टेक लगाकर बैठ गईं और हमसे कहा चलो शुरू हो जाओ जैसे रात को कर रहे थे अब मेरे सामने करो। फिर मेरी तरफ़ देखकर कहा अब क्या सोच रहे हो उठो और शुरू हो जाओ।
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मैं उठा और सिमरन को बाँहों में ले लिया और उसे किस करने लगा। अब मैंने भी सोच लिया था कि जब दूध के साथ मलाई फ्री मिल रही है तो सोचना कैसा और मैं सिमरन को भाभी के सामने किसिंग करने के साथ उसके बूब्स को भी दबा रहा था और भाभी बड़े शौक से हमें देख रही थी।
मैंने अब उसकी कमीज के अंदर हाथ डालकर उसके बूब को दबा रहा था फिर मैंने उसकी कमीज को उतार फेंका और साथ ही उसके ब्रा को भी। अब मैं उसके तने हुए बूब के निप्पल को दो उँगलियों में रगड़ने लगा जिससे उसके मुँह से सस्स्स्स की आवाज़ निकल गई। मैंने उसके होंठों को छोड़कर उसके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया था वो भी मज़े में आ गई थी।
अब हमें इस बात की भी फ़िक्र नहीं थी कि हम दोनों के अलावा भी इस रूम में कोई है। उसने मेरा लंड अपनी मुट्ठी में लिया और उसे सहलाने लगी। मैंने उसके बूब्स को चूसते हुए भाभी की तरफ़ देखा तो वो अपने बूब्स के निप्पल को मसल रही थी। तो मैंने सिमरन की शलवार को उतार फेंका अब सिमरन बिल्कुल नंगी थी।
मैं घुटनों के बल बैठ गया और सिमरन का एक पाँव बेड पर रखा और उसकी चूत को चाटने लगा तो भाभी भी उठकर बेड से नीचे आईं और मेरे बराबर में घुटनों के बल बैठ गईं और मुझे सिमरन की चूत चाटते देखने लगीं। फिर भाभी ने अपने एक हाथ से मेरे खड़े लंड को पकड़ लिया और उसे सहलाने लगीं तो मैंने भी उनके एक बूब को सहलाना शुरू कर दिया.
पर भाभी ने मुझसे कहा तारिक उठो और ख़ुद भी मेरे साथ खड़ी हो गईं और मेरे कपड़े उतारने लगीं। उन्होंने मुझे बिल्कुल नंगा कर दिया था तो मैंने भी उनके कपड़े उतारना शुरू कर दिया। अब हम तीनों नंगे थे। फिर भाभी ने मुझे मेरे लंड से पकड़ा और मेरे लंड को खींचते हुए मुझे बिस्तर पर ले गईं और सिमरन को इशारे से बोला लिया।
मुझे भाभी ने बेड पर लिटा दिया और ख़ुद मेरी टांगों के बीच में बैठ गईं। अब भाभी ने मेरे लंड को पकड़ा और साथ ही मेरे लंड के टॉप को ज़बान से चाटने लगीं। मेरे पेट पर उनके बाल बिखरे थे जिससे मुझे उनका चेहरा और अपना लंड नज़र नहीं आ रहा था बस मैं महसूस कर रहा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
फिर मैंने सिमरन को अपने ऊपर बुलाया तो उसने मेरे सिर पे घुटनों के बल बैठ गई तो उसकी चूत मेरे मुँह पर आ गई थी। मैंने उसकी चूत के लबों को खोला और उसकी चूत चाटने लगा। अब भाभी मेरे लंड को चूस रही थीं और मैं सिमरन की चूत को चाट रहा था और उसके मुँह से ह्ह्ह्ह्हम्म की आवाज़ें आ रही थीं।
कुछ देर बाद भाभी ने मेरे लंड को छोड़ा और मेरे लंड पर बैठने लगीं। उन्होंने मेरे लंड को एक हाथ से पकड़ा था और अपनी चूत को उस पर रखकर बैठने की कोशिश कर रही थीं। अभी मेरा लंड २ इंच ही घुसा था कि मैंने नीचे से एक ज़ोरदार झटका मारा तो भाभी की चीख निकल गई और मेरा पूरा लंड उनकी चूत में था और मेरा भी निचला धड़ बेड से ऊपर था।
मैं ऐसी हालत में रुका रहा ताकि भाभी संभल जाएँ। कुछ देर ऐसी तरह रोकने के बाद मैंने उन्हें पकड़कर अपने लंड पर बिठा दिया अब वो संभल गई थीं फिर उन्होंने ऊपर-नीचे हिलना शुरू कर दिया। सिमरन ने भी अपनी पोज़िशन बदल दी थी अब उसका मुँह भाभी की तरफ़ था और वो एक-दूसरे के बूब्स दबाने के साथ किसिंग भी कर रही थीं।
मैंने अब भाभी को गाँड से पकड़ लिया था और उन्हें अपने लंड पे ऊपर-नीचे करने लगा था। कुछ देर बाद जब भाभी थक गईं तो मैंने सिमरन को हटाया और भाभी को अपने सीने से लगा दिया और नीचे से झटके मारने लगा। इस तरह मुझे कुछ आसानी हुई और मुझे ज़्यादा मज़ा आने लगा था।
अब भाभी की भी आवाज़ें तेज़ हो गई थीं वो ज़ोर-ज़ोर से आह्ह्ह की आवाज़ें निकाल रही थीं। अब मुझे अंदाज़ा हो गया था कि वो अपनी मंज़िल पर पहुँचने वाली हैं। मैंने उनकी गाँड ज़ोर से पकड़ लिया और उन्हें ऊपर को उठने नहीं दिया और नीचे से ज़ोर-ज़ोर से उन्हें झटके मारने लगा।
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फिर भाभी आआह्ह्ह और तेज़ और तेज़ कहने के साथ छूटने लगीं और मुझ पर अपना पूरा जिस्म ढीला छोड़ दिया। वो तेज़-तेज़ साँसें ले रही थीं और मैं भी लेकिन मेरा जोश अभी ख़त्म नहीं हुआ था। मैंने भाभी को अपने ऊपर से साइड पर लिटाया और सिमरन को हाथ से पकड़कर बेड पर लिटा दिया.
और उसकी टांगों को अपने कंधे पर रखा और अपना लंड को उसकी चूत से सटाया और एक ज़ोरदार झटका की आवाज़ के साथ सिमरन इतने ज़ोर से चीखी कि भाभी भी घबरा कर मुझे देखने लगीं पर मैं रुका नहीं और सिमरन की चुदाई शुरू कर दी क्योंकि मेरा लंड भाभी के पानी से पहले से ही तर था इसलिए मुझे सिमरन की चुदाई में ज़्यादा मुश्किल नहीं हो रही थी।
सिमरन ज़ोर-ज़ोर से आह्ह्ह ओओओह्ह्ह भाभी मुझे बचाओ मैं मर गई ओओई म्म्मन जैसे आवाज़ें निकाल रही थी लेकिन मैं उसकी परवाह किए बग़ैर उसे ज़ोर के झटके मार रहा था। भाभी ने भी मुझे रोका नहीं बल्कि वो सिमरन के बूब्स को सहलाते हुए उसे तसल्ली दे रही थीं कि बस थोड़ा सब्र करो फिर देखना तुम्हें तारिक से भी ज़्यादा मज़ा आएगा और तुम्हें और भी ज़्यादा मज़ा आएगा।
फिर कुछ ही देर में उसने चीखना बंद कर दिया था अब उसे भी मज़ा आने लगा था और वो धीमी आवाज़ में कर रही थी। अब मुझे भी अहसास होने लगा कि मैं छूटने वाला हूँ तो मैंने उसकी और भी ज़ोर से चुदाई शुरू कर दी। फिर कोई १० झटके लगाने के बाद सिमरन की चूत ने मेरे लंड को दबाना शुरू कर दिया और वो छूटने लगी तो मैं भी उसी के साथ छूट गया।
जब मैंने अपना लंड सिमरन की चूत में से निकाला तो पेट पर काफी सारा ख़ून लगा था जिसे देखते ही भाभी बेपनाह पड़ी सिमरन की शलवार से साफ़ किया और बाद में सिमरन की चूत को भी। सिमरन की चूत के बाल अब लाल हो रहे थे। फिर भाभी ने कहा चलो अब मिलके नहाते हैं तो हम बाथरूम में चले गए और एक-दूसरे को नहलाने लगे। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
भाभी ने बाथरूम में पड़ी हेयर रिमूवर क्रीम से सिमरन के बालों की भी सफ़ाई कर दी। फिर जब मैंने सिमरन की बालों से साफ़ चूत देखी तो मेरा लंड फिर से तन गया और मैंने वहीं सिमरन को डॉगी स्टाइल में चोदा। उसके बाद भाभी को भी ऐसी तरह से चोदा। उसके बाद हम बाहर आए और फिर मैं टीवी देखने लगा तो सिमरन और भाभी ने खाना बनाया।
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खाना खाने के बाद मैंने फिर से भाभी को चोदने को कहा तो वो बोलीं हाँ क्यों नहीं जब तक तुम्हारा दिल करे करते रहो और वो नीचे लेट गईं लेकिन मैंने उनसे कहा डॉगी स्टाइल में करना है तो वो डॉगी स्टाइल में हो गईं। जब मैंने अपना लंड उनकी गाँड के होल पर रखा तो वो चिल्ला उठीं ये क्या कर रहे हो।
मैंने कहा वो जो शायद भाई ने भी कभी आपके साथ नहीं किया होगा तो वो बोलीं हाँ मैंने आज तक गाँड में नहीं लिया इसलिए तुम ऐसा नहीं करोगे। मैंने कहा हर काम पहली बार किया जाता है ये कहते ही मैंने उनको कमर से पकड़ा और एक ज़ोर का झटका मारा तो वो चिल्ला उठी निकालो निकालो ऐसा मुझे नहीं करना छोड़ो मुझे सिमरन हटो ऐसा ये पागल हो गया है.
तो सिमरन ने मुस्कुराकर कहा भाभी थोड़ा सब्र करो फिर बहुत मज़ा आएगा। मेरा लंड अभी भाभी की गाँड में पूरा नहीं घुसा था इसलिए मैंने एक और ज़ोर का झटका मारा तो भाभी की फिर से चीख निकल गई और वो रोने लगी तारिक प्लीज़ मत करो बहुत दर्द हो रहा है प्लीज़ छोड़ो मुझे लेकिन मुझ पर इन बातों का कोई असर नहीं हुआ और मैं उनकी गाँड मारने लगा।
उन्होंने दर्द के मारे अपना अगला धड़ ज़मीन पर छोड़ा हुआ था फिर मैंने उन्हें कस के कमर से पकड़ा हुआ और उनकी गाँड को ऊपर को उठाया हुआ था। मैं धक्के पे धक्का मार रहा था और भाभी मुसलसल रो रही थीं लेकिन मैं उनके रोने की परवाह किए बग़ैर उनकी गाँड मार रहा था।
थोड़ी देर बाद उन्होंने रोना बंद कर दिया था अब वो मेरा साथ देने लगी थीं क्योंकि अब उनको भी मज़ा आ रहा था वो आह्ह्ह आह्ह्ह तुम बहुत अच्छे हो तारिक मैं आज तक इस मज़े से महरूम थी गुड ज़ोर से और ज़ोर से धक्के मारो आह्ह्ह्ह और मैं भी ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा।
अब मुझे भी मंज़िल क़रीब महसूस हो रही थी और कुछ ही धक्कों के बाद मैं उनकी गाँड में ही छूटने लगा। सारा पानी निकलने के बाद मैंने अपना लंड उनकी गाँड से निकाला और उसे सिमरन के हाथों में दे दिया तो वो ऐसा सहलाने लगी। कुछ देर बाद मेरा लंड फिर से तैयार था। इस बार मैंने सिमरन को डॉगी स्टाइल में किया और उसकी भी गाँड मार दी। इसके बाद हम सो गए।
शाम को भाभी ने मुझे जगाया और चाय का कप थमा दिया। मैंने चाय का कप साइड पर रखा और उसे फिर से किस किया तो उसने कहा बस अब तुम्हारे भाई आते होंगे। मैंने मुँह धोया और कप लेकर बाहर आ गया तो वहाँ वो दोनों बैठी टीवी देख रही थीं। मैं भी उनके साथ बैठ गया और टीवी देखने लगा।
अभी हम चाय ही पी रहे थे कि डोरबेल बजी। मैंने बाहर गया तो अरुण भाई था क्योंकि आज नोमन भाई अकेले थे इस वजह से वो आज जल्दी वापस आ गए थे और मैं उनके साथ ही वापस आ गया। अरुण ने मुझसे पूछा अब कैसी तबीयत तो मैंने कहा अब ठीक हूँ। अरुण भाई ने भाभी से कहा तुम इसे डॉक्टर के पास ले गई थीं तो भाभी ने कहा हाँ हल्का सा बुख़ार था मैंने दवा खिला दी थी अब ठीक है।
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मैं भाभी की बात पर मुस्कुरा दिया तो नोमन भाई ने मुस्कुराकर पूछा क्या हुआ क्यों मुस्कुरा रहे हो भाई। मैंने कहा वो एक दफ़ा मुझे पापा ने दवा खाने को कहा तो मैंने उनसे बचके दवा गिरा दी थी बस वही बात याद आ गई तो नोमन भाई ने कहा तो कहीं तुमने अभी भी तो नहीं। मैंने कहा नहीं आज तो मैंने खाई है। फिर वो अपने रूम में चले गए। भाभी उठीं और मेरे सिर पर एक थप्पड़ मारा और कहा तुमने तो मेरी जान ले ली थी। मैंने कहा अब उन्हें कैसे बताता कि मैंने कौन सी दवा खाई है.
तो भाभी ने मेरे बालों को हल्का से खींचा और मुस्कुराते हुए अपने रूम में चली गईं। उसके बाद ये सिलसिला रोज़ चलता। रात को सिमरन और मैं मौक़ा पाते ही अपना काम शुरू कर देते और जब दिन में खाना लेने आता तो भाभी तैयार मिलती। इस तरह मैंने उन दोनों को 2 साल तक चोदा। फिर मैं बीमार रहने लगा मैं बहुत कमज़ोर पड़ गया था इसलिए मैं वापस इंडिया आ गया। अब जब भी मुझे उनकी याद आती है तो दिल करता है कि फिर से चला जाऊँ पर अपनी सेहत का सोचकर ख़ामोश रह जाता हूँ।
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