xnxx भाभी की नाइटी उतारकर चोदा पूरी रात
sex story भाभी की नाइटी उतारकर चोदा पूरी रात
Bhabhi ne mujhe apni chut di sex story: मेरा नाम राजू है और मेरी उम्र 26 साल है। मैं होटल मैनेजमेंट के थर्ड ईयर में पढ़ रहा हूं जहां क्लासरूम की व्यस्त दिनचर्या और प्रैक्टिकल असाइनमेंट्स मुझे लगातार व्यस्त रखते हैं। मेरे घर में एक बड़ी जॉइंट फैमिली है जहां सब लोग साथ साथ रहते हैं। सुबह से शाम तक घर में हलचल मची रहती है। बच्चों की आवाजें गूंजती हैं। रसोई से मसालों की महक आती है और परिवार के हर सदस्य की अपनी व्यस्तता होती है जिससे कोई भी पल अकेला महसूस नहीं होता। मैं जब भी मुझे मुठ मारना पड़ता है तो संभल संभल के करता हूं। अपने पर्सनल रूम का दरवाजा बंद करके ही मैं यह काम करता हूं क्योंकि घर में इतने सारे लोग रहते हैं कि किसी भी समय कोई भी आ सकता है और मुझे पकड़ सकता है।
मेरा एक पर्सनल रूम है जिसमें मैं पढ़ाई के अलावा बाकी सब कुछ करता रहता हूं। यह रूम मेरे लिए एक छोटा सा आश्रय है जहां मैं अपनी किताबों के साथ साथ अपनी निजी इच्छाओं को भी जगह दे पाता हूं। दीवारों पर लगी पोस्टर्स और मंद रोशनी वाली लैंप मुझे आराम देती है। मेरे पड़ोस में एक भाभी रहती है नाम है शीतल। शीतल भाभी से हमारा अच्छा खासा रिश्ता है। वे हमेशा मुस्कुराते चेहरे के साथ बात करती हैं जिससे कोई भी उनसे सहज महसूस करता है। मम्मी से अक्सर बातें करने के लिए हमारे घर आती जाती रहती हैं। उनकी हल्की सी हंसी और मीठी आवाज पूरे घर में गूंज जाती है। भाभी बड़ी मस्त थी। उफ्फ क्या बताऊं दोस्तों क्या चीज है वो। उनका गोरा चमकदार रंग देखकर लगता है जैसे दूध में कुछ मिठास घुली हो। बड़े बड़े और टाइट बूब्स उनके ब्लाउज को तान कर रखते हैं। बड़ी सी गांड उनकी साड़ी या सलवार में हिलती हुई हर कदम पर आकर्षण बढ़ाती है। बहुत ही फिट फिगर है जो उन्हें हर उम्र के लोगों के लिए आकर्षक बना देता है। आज मैं इसी भाभी की चूत चुदाई की कहानी आपको बता रहा हूं।
वो 30 साल की हैं और उनकी फिगर 30-28-32 होगी। यकीन मानो दोस्तों जब भी वो घर से बाहर निकलती हैं तो सारे मोहल्ले के लड़के उनकी मटकती चाल पर अपना दिल हारने को तैयार रहते हैं। उनकी चाल में एक खास लचक होती है जो उनकी कमर और गांड को और भी आकर्षक बना देती है। शीतल भाभी हमारे घर के बगल वाले घर में रहती हैं। वो हमारे घर काफी आती जाती हैं और इसी वजह से मेरी उनसे अच्छी दोस्ती हो गई थी। जब वे आती हैं तो उनके कपड़ों की हल्की महक पूरे कमरे में फैल जाती है। उनके हसबैंड स्कूल में टीचर थे और वो मेरी स्टडी में काफी हेल्प भी करते हैं। वे कभी किताबें दिखाते हैं तो कभी नोट्स समझाते हैं जिससे मेरा मन और भी शांत हो जाता है। ये इंसिडेंट आज से एक हफ्ते पहले का है। अब मैं आपको ज्यादा बोर ना करते हुए सीधे स्टोरी पर आता हूं। जैसा कि आप लोग जानते हैं कि आजकल सब लोग व्हाट्सएप बहुत यूज करते हैं। मेरी स्टोरी भी व्हाट्सएप से ही शुरू हुई।
एक दिन मुझसे गलती से भाभी को पोर्न मूवी सेंड हो गई जो कि मुझे अपने फ्रेंड को भेजनी थी। फोन की स्क्रीन पर व्हाट्सएप नोटिफिकेशन आया और मैंने बिना सोचे समझे भेज दिया। वो पोर्न मूवी का बहुत दीवाना था और उसका नाम भी “s” से शुरू होता है इस कारण मुझसे वो पोर्न मूवी शीतल भाभी को सेंड हो गई। मेरे दिल की धड़कन एकदम तेज हो गई। हाथ ठंडे पड़ गए। थोड़ी देर बाद भाभी का मुझे मैसेज आया कि ये क्या बदतमीजी है। मैंने तुरंत जवाब दिया। गला सूख गया था। मैंने कहा भाभी ये मुझसे गलती से सेंड हो गई है। ये मैंने किसी और को सेंड करनी थी। मेरी उंगलियां कांप रही थीं। वो गुस्से से बोली अभी तेरी मम्मी को ये बताती हूं। तो काफी मना करने के बाद वो मान गई और ऐसे करके बात शांत हो गई। मैंने अपनी इस गलती के कारण उनसे आंखें भी नहीं मिला पा रहा था। शर्म से मेरा चेहरा लाल हो गया था।
एक दिन भाभी हमारे घर आई और मेरी मम्मी को बोली कि मुझे मार्केट जाना है तो क्या मैं अपने साथ राजू को ले जा सकती हूं। मम्मी ने हां बोल दिया और मैं रेडी होने के लिए चला गया। मैंने जल्दी से कपड़े बदले। बाल संवारे और नीचे आ गया। मार्केट जाने के लिए मैंने कार बाहर निकाली और हम मार्केट चले गए। कार में एसी की ठंडी हवा चल रही थी। भाभी की हल्की खुशबू पूरे केबिन में फैल गई थी जो मेरे दिमाग को थोड़ा भ्रमित कर रही थी। रास्ते में मैंने दोबारा से उनसे उस गलती के लिए माफी मांगी। तो उन्होंने मुझे माफ कर दिया और फिर अचानक से उन्होंने मुझसे पूछा कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है क्या। तो मैंने जवाब दिया नहीं। उनका अगला सवाल सुनकर तो मैं हैरान ही हो गया।
उनका अगला सवाल था कि क्या तुमने कभी सेक्स किया है। मैंने जवाब में अपना सिर नहीं में हिला दिया। मेरी गर्दन अकड़ गई थी। वो बोली सेक्स करना चाहते हो। मैंने शरमाते हुए बोला किस से। वो बोली मेरे साथ। ये तो सुनकर मेरे पैरों के नीचे से जमीन ही सरक गई। मेरी सांस अटक गई। अब तक हम मार्केट भी पहुंच गए थे। मार्केट में उन्होंने कुछ शॉपिंग की और एक घंटे बाद हम वापस घर की ओर चल पड़े। रास्ते में उन्होंने मुझसे फिर से वही सवाल पूछा। तो मैंने मना कर दिया और कहा ये सब गलत है। उस दिन तक मेरे मन में उनके लिए कोई गलत फीलिंग नहीं थी। मैंने उस रात तकरीबन 4-5 बार मुठ मारी। मुझे सारी रात नींद नहीं आई। अगले दिन सुबह भाभी का मैसेज आया क्या सोचा। अगर हां है तो आज रात घर आ जा। तेरे भैया बाहर जा रहे हैं एक काम से। मैंने दिन भर बहुत सोचा और मैंने हां कर दी। मैं रात होने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। शाम को भाभी हमारे घर पर आई और मम्मी से बोली आज रात राजू हमारे यहां सो सकता है। मेरे हसबैंड ऑफिस के काम से बाहर जा रहे हैं। वो कल शाम तक आ जाएंगे। मम्मी ने हां बोल दिया। भाभी जाते वक्त मुझे नॉटी सी स्माइल कर गई।
रात होते ही मैं उनके घर चला गया और उस टाइम वो किचन में बिजी थी। रात की ठंडी हवा में घर की हल्की रोशनी मुझे आकर्षित कर रही थी। मैंने दरवाजा धीरे से खटखटाया तो भाभी ने मुस्कुराते हुए खोला और मुझे अंदर बुलाया। किचन से गरम मसालों की तीखी खुशबू पूरे घर में फैल रही थी। प्याज और लहसुन की तड़क की आवाज साफ सुनाई दे रही थी। वो चूल्हे के पास खड़ी थीं। उनकी नाइटी का पतला कपड़ा उनके शरीर से चिपका हुआ था और रसोई की गर्मी से उनकी त्वचा थोड़ी सी चमक रही थी। मैं सीधा लिविंग रूम में चला गया। सोफे पर आराम से बैठ गया और टीवी ऑन कर दिया। एक गजल चैनल पर धीमी मीठी आवाज में शायराना गाना बज रहा था। उसकी लय ने कमरे का माहौल और भी रोमांचक बना दिया।
मैं गजल सुनने लगा लेकिन मेरा पूरा ध्यान किचन की तरफ था। दिल जोर जोर से धड़क रहा था। हथेलियां थोड़ी नम हो रही थीं। कुछ देर बाद भाभी भी फ्री हो गईं। उन्होंने हाथ पोंछे और मेरे पास सोफे पर आकर बैठ गईं। उनकी जांघ मेरी जांघ से हल्का सा छू रही थी। हम दोनों बात करने लगे। छोटी छोटी बातें कर रहे थे लेकिन हवा में एक अनकही उत्तेजना महसूस हो रही थी। तकरीबन आधे घंटे के बाद हम दोनों बेडरूम में चले गए और भाभी ने उस वक्त नीली रंग की नाइटी पहनी हुई थी। नाइटी का पतला कपड़ा उनके बड़े बूब्स को अच्छे से उभार रहा था। उनके निप्पल साफ दिख रहे थे। गुलाबी और सख्त होकर कपड़े को अंदर से दबा रहे थे। मैंने लोअर पहनी हुई थी।
बेडरूम में जाने के बाद उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया और उन्होंने सारी लाइट्स बंद कर दी और सिर्फ लैंप ऑन कर दिए। लैंप की मंद पीली रोशनी कमरे में फैल गई। दीवारों पर हमारे साये लंबे लंबे दिख रहे थे। शीतल भाभी ने मेरा हाथ अपने हाथ में लेते हुए कहा कि तुम चिंता मत करो। बस खाली मुझे आज खुश कर दो। तुम मुझे जिस तरह से लेना चाहो ले सकते हो। तुम तो हट्टे कट्टे जवान हो। तुम मुझे सब कुछ दे सकते हो। उनकी आवाज भारी और कामुक हो गई थी। गर्म सांस मेरे चेहरे पर पड़ रही थी। और भाभी ने मुझे जोर से किस किया लेकिन मैं ठीक से जवाब नहीं दे पा रहा था तो कुछ देर के बाद भाभी ने अपनी नाइटी को उतार दिया और अब वो मेरे सामने पूरा नंगी थी। भाभी का शरीर बहुत सेक्सी था और मैं भी अब उनका साथ देने लगा।
मैं खड़ा हुआ और भाभी को जोर से पकड़ लिया और फिर उन्हें हर जगह किस करने लगा और वो पूरी तरह से गरम हो चुकी थी। उनकी नंगी त्वचा गर्म और नरम थी। मैंने उनके गालों पर। गर्दन पर। कंधों पर और फिर उनके भारी बूब्स पर गहरे किस किए। हर किस के साथ वो हल्का सा सिहर रही थीं। भाभी के नीचे का अंग देखकर तो मैं हैरान रह गया। वाह क्या सेक्सी जिस्म था तो भाभी हंसने लगी और कहा कि क्या देख रहे हो तो मैंने कहा कि क्या करूं। ऐसे कभी आपको देखा ही नहीं आप तो बहुत सेक्सी हो। उनके बूब्स तो और भी जबरदस्त थे। उनके निप्पल गुलाबी कलर के थे। मैं अपने आप को रोक नहीं सका और उनके निप्पल चूसने लगा। कभी चूसता तो कभी दबाता और कभी काटता।
शीतल भाभी को बड़ा मजा आ रहा था। मैं उनके बूब्स को चूस रहा था और उधर वो मेरे लंड को रगड़ रही थी और फिर मैं भी अपना एक हाथ उनकी पैंटी की तरफ ले गया तो उनकी पैंटी पूरी गीली थी और मैंने हंसते हुए कहा कि आपने तो अभी से ही पानी छोड़ दिया है। सेक्स में आपको कैसे मजा आएगा? तो उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं। फिर मैंने कहा कि भाभी कोई चिंता की बात नहीं। आज मैं आपको ऐसी सेक्स संतुष्टि दूंगा कि आप पूरी लाइफ याद रखोगी। मैंने फिर उनकी पैंटी उतारी और उससे उनकी चूत को साफ किया। मैंने उन्हें बेड पर लिटाया और दोनों पैर फैलाने को कहा और फिर मैंने अपनी जीभ उनकी चूत में डाली तो वो एकदम से सिसक उठी और मैं उनकी चूत चाटता रहा और वो सिसकियां लेती रही और कुछ देर बाद उनकी चूत साफ हो चुकी थी और वो अब एकदम सूखी थी।
मैंने कहा कि भाभी अब सही टाइम है आपको चोदने का तो भाभी एकदम मदमस्त थी और जैसे मैं कह रहा था वैसा ही कर रही थी। मैंने अपना लंड बाहर निकाला और भाभी से कहा कि इसे दो तीन बार अपने मुंह में लो और उन्होंने ऐसा ही किया। मैंने फिर उन्हें सीधा लिटाया और अपना लंड उनकी चूत पर रखा तो चूत एकदम गरम थी। मैंने एक जोर से धक्का देकर अपना लंड उनकी चूत में डाला तो वो दर्द से कराह उठी और सिसकियां लेने लगी। उनकी चूत बिल्कुल टाइट थी तो मैंने पूछा कि क्या दर्द हो रहा है।
उन्होंने हां में सर हिलाया लेकिन कहा कि कोई बात नहीं तुम चालू रखो। उनकी आंखों में दर्द के साथ साथ उत्तेजना भी साफ दिख रही थी। मैंने मुस्कुराते हुए उनका चेहरा दोनों हाथों से थामा और फिर से जोरदार धक्का लगाया। लंड उनकी टाइट चूत के अंदर पूरी तरह धंस गया। हर धक्के के साथ उनकी चूत की दीवारें मेरे लंड को जकड़ रही थीं। गर्म और गीला रस मेरे लंड पर फैल रहा था। 10-15 धक्कों तक तो भाभी को तेज दर्द हुआ। वे दांत भींच कर सिसकियां ले रही थीं। उनकी उंगलियां मेरी पीठ पर गहरे निशान बना रही थीं। लेकिन फिर उनकी चूत धीरे धीरे ठंडी और ढीली हो गई। उन्हें कुछ आराम मिला तो मुझे लगा कि अब धक्कों की स्पीड बढ़ा देनी चाहिए। मैं और जोर जोर से धक्के मारता रहा। हर धक्के के साथ उनके बूब्स ऊपर नीचे उछल रहे थे। भाभी ने फिर से पानी छोड़ दिया। उनकी चूत से गर्म रस की धार निकली और बिस्तर को भिगो दिया। फिर कुछ देर के बाद मैं भी चूत के अंदर ही झड़ गया। मेरा गर्म वीर्य उनकी चूत की गहराई में भर गया।
मैंने उनसे पूछा कि क्या कभी भैया ने पीछे वाले छेद में लंड डाला है तो वो हंसते हुए बोली कि आगे वाले बड़े छेद में तो डाल नहीं पाते थे। पीछे छोटे छेद में क्या खाक डालते। तो मैंने कहा कि अब छोड़ो उस बात को और अब आज मैं डालकर दिखाता हूं। फिर मैं लंड को उनकी गांड में डालने लगा तो उनको बहुत ही दर्द हुआ। मैंने लंड को थूक से गीला किया। धीरे से उनकी गांड के छेद पर रगड़ा। उन्होंने मुझे रुकने के लिए कहा लेकिन मैंने कहा कि थोड़ा बर्दाश्त कर लो। फिर बहुत मजा आएगा और मैंने भी पहले कभी पीछे के छेद में लंड नहीं डाला था। मैंने जैसे तैसे लंड अंदर डाल दिया लेकिन तकलीफ मुझे भी हुई। भाभी की तो हालत बहुत खराब थी। उनकी आंखों से दर्द के आंसू टपकने लगे थे। वे जोर से कराह रही थीं। उनका पूरा शरीर तन गया था।
मैंने फिर बहुत ही धीरे धीरे धक्के मारने शुरू किए लेकिन वो बहुत तकलीफ में थी। उनकी गांड की दीवारें मेरे लंड को कस कर जकड़े हुए थीं। हर छोटे धक्के के साथ वे सांस रोके हुए थीं। मैंने उनसे पूछा कि क्या बंद कर दूं तो उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं चालू रखो और मैं धीरे धीरे धक्के मारता रहा। थोड़े टाइम बाद शायद उनका दर्द भी कम हो गया। उनकी सांसें अब सामान्य हो रही थीं। मैं धक्के मारता रहा। धीरे धीरे तेजी बढ़ाई। उनकी गांड अब मेरे लंड को अच्छे से समा रही थी। मैंने कुछ देर के बाद लंड को बाहर निकाल लिया और भाभी से पूछा कि आप किस किस पोजीशन में चुद चुकी हो। तो भाभी ने कहा कि तेरे भैया मुझे लिटाते थे। लंड डालते थे और 20 धक्कों में उनका लंड झड़ जाया करता था और वो कभी मेरे बूब्स भी नहीं चूसते थे। क्योंकि ज्यादा गरम होने पर कई बार तो वो बिना किए भी झड़ चुके थे। मैंने कहा कि क्या आप धक्के मारोगी। उन्होंने बड़ी हैरानी से पूछा कि कैसे। तो मैं नीचे लेट गया और कहा कि आप अब मेरे ऊपर से धक्के मारो।
फिर वो मेरे ऊपर आकर बैठ गई और मैंने अपने लंड को हाथ से उनकी चूत में डाल दिया और उनसे कहा कि अब मेरे लंड पर उछलकूद करो और फिर वो जोश में बहुत जोर जोर से उछलने लगी। उनके भारी बूब्स मेरे चेहरे के ऊपर उछल रहे थे। कई बार लंड चूत से बाहर निकल गया तो मैंने कहा कि भाभी थोड़े आराम से करो नहीं तो आपको मजा नहीं आएगा और अब वो आराम से करने लगी। इस बार मैं पहले झड़ गया था लेकिन वो रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। वो धक्के पे धक्के मारे जा रही थी। उनकी चूत मेरे लंड को पूरी तरह निचोड़ रही थी। मेरा लंड फिर से तन चुका था।
अब वो थोड़ी थकने लगी थी तो मैंने कहा कि आप बैठ जाओ और मैंने कहा कि अब हम डॉगी स्टाइल में करते हैं और मैंने पीछे से चूत में लंड को धक्के मारने शुरू किए। मैं धक्के मारे जा रहा था लेकिन लंड झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था और हम दोनों बुरी तरह से थक चुके थे। फिर मैंने लंड को बाहर निकालते हुए भाभी से कहा कि अब तो आप ही कुछ करो और मैंने कहा कि इसे चूसो और इसका पानी बाहर निकालो। मुझे बहुत तकलीफ हो रही है।
तभी उन्होंने मेरे लंड को चूसना शुरू किया। चूसते चूसते 10 मिनट हो चुके थे। उनकी गर्म जीभ मेरे लंड की नसों पर घूम रही थी। वे पूरी ताकत से चूस रही थीं। मुंह के अंदर लेते हुए गहरी चूसाई कर रही थीं। तब जाकर लंड साहब झड़े और मुझे कुछ चैन आया। मैंने भाभी से पूछा कि मजा आया या नहीं और वो मेरी गोद में आकर बैठ गई और मुझे किस करके बोली कि आज मुझे औरत होने का एहसास हो रहा है। हम दोनों बिस्तर पर नंगे पड़े रहे और 30 मिनट के बाद वो मेरे लंड से फिर से खेलने लगी और हमने फिर से चुदाई की और इस तरह से ये सिलसिला पूरी रात चला।
पर शीतल भाभी उधर से चली गई एक साल पहले और वो किसी दूसरे शहर में रहती है। धन्यवाद।
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